KORBA: बदहाल सड़क पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, पांच गांवों के लोगों ने किया प्रदर्शन

10 साल से जर्जर मिनीमाता बांगो बांध मार्ग, गड्ढों-कीचड़ से परेशान ग्रामीणों ने दी चक्काजाम की चेतावनी

कोरबा। मिनीमाता बांगो बांध मार्ग की बदहाल स्थिति को लेकर आखिरकार ग्रामीणों का आक्रोश सड़क पर आ गया। लगातार बारिश के बीच पांच गांवों के ग्रामीणों ने कीचड़ और गड्ढों से जर्जर सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया और शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने जल्द सड़क निर्माण या स्थायी मरम्मत शुरू नहीं होने पर चक्काजाम कर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।

ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले करीब 10 वर्षों से मार्ग की स्थिति बेहद खराब है। सड़क जगह-जगह से उखड़ चुकी है और बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। बारिश के दौरान इन गड्ढों में पानी और कीचड़ भर जाने से राहगीरों और वाहन चालकों के लिए आवागमन बेहद मुश्किल हो जाता है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों और रोजाना आने-जाने वाले ग्रामीणों को उठानी पड़ रही है।

गड्ढों में मिट्टी डालकर खानापूर्ति का आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सड़क की मरम्मत के नाम पर कई बार केवल गड्ढों में मिट्टी डाल दी जाती है। बारिश होते ही मिट्टी बह जाती है और कुछ ही समय में सड़क पहले जैसी बदहाल हो जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि जर्जर सड़क के कारण कई बार दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं और लोग घायल हुए हैं।

यह मार्ग कई पंचायतों के गांवों को जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है। इसके अलावा मिनीमाता बांगो बांध एक प्रमुख पर्यटन स्थल होने के कारण दूसरे जिलों और राज्यों से भी पर्यटक यहां पहुंचते हैं। सड़क की खराब स्थिति के कारण पर्यटकों को भी परेशानी उठानी पड़ती है, जिससे क्षेत्र की छवि प्रभावित हो रही है।

10 साल में नहीं निकला स्थायी समाधान
प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर जनपद सदस्य आयुष सिंह मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से चर्चा की। उन्होंने ग्रामीणों की समस्या को जायज बताते हुए स्वीकार किया कि सड़क की स्थिति पिछले करीब 10 वर्षों से खराब है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहे किसी भी दल की रही हो, इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।

जनपद सदस्य ने बताया कि सड़क की समस्या को लेकर जिला प्रशासन और राज्य सरकार को कई बार पत्राचार किया जा चुका है, लेकिन अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।

जल्द काम नहीं हुआ तो करेंगे चक्काजाम’
ग्रामीणों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि लंबे समय से सड़क की दुर्दशा झेलने के बाद अब मजबूर होकर उन्हें सड़क पर उतरना पड़ा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सड़क निर्माण अथवा स्थायी मरम्मत का काम शुरू नहीं हुआ तो चक्काजाम कर उग्र आंदोलन किया जाएगा।

जनपद सदस्य के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने फिलहाल प्रदर्शन समाप्त कर दिया, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो दोबारा आंदोलन किया जाएगा।