डिजिटल क्रॉप सर्वे की धीमी रफ्तार पर कलेक्टर सख्त, कई तहसीलदारों को नोटिस

समय-सीमा की बैठक में गिरदावरी, फसल बीमा और विभागीय कार्यों की समीक्षा

शिकायतों के निराकरण में लापरवाही पर शिक्षा-विद्युत विभाग के अधिकारियों को भी नोटिस

कोरबा। आकांक्षी जिलों में शामिल कोरबा में डिजिटल क्रॉप सर्वे की धीमी प्रगति को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिले की कई तहसीलों में डिजिटल क्रॉप सर्वे की गति अपेक्षा के अनुरूप नहीं पाए जाने पर संबंधित तहसीलदारों को नोटिस जारी किए गए हैं। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने राजस्व अधिकारियों को प्रत्येक ग्राम में सर्वे की नियमित समीक्षा और सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर ने विभिन्न विभागों में संचालित योजनाओं और कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से निर्धारित समय-सीमा में विभागीय कार्यों को पूरा करने तथा शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया।

हर गांव में हो डिजिटल क्रॉप सर्वे की निगरानी
बैठक में गिरदावरी और डिजिटल क्रॉप सर्वे की प्रगति की समीक्षा की गई। कई स्थानों पर कार्य की गति धीमी पाए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने सभी राजस्व अधिकारियों को प्रत्येक ग्राम में डिजिटल क्रॉप सर्वे की प्रगति की नियमित समीक्षा करने तथा मैदानी स्तर पर कार्य की सतत निगरानी करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने कृषि विभाग को किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ दिलाने तथा क्रॉप कटिंग एक्सपेरिमेंट का डाटा एप के माध्यम से निर्धारित समय में दर्ज कराने कहा।

इसके साथ ही ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन और माइक्रो न्यूट्रिशन वितरण से संबंधित कार्रवाई भी समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।

कृषि सखियों को ड्रोन दीदी बनाने की तैयारी
कलेक्टर ने बिहान से जुड़ी सक्रिय कृषि सखी महिलाओं का बैच तैयार कर उनके कौशल उन्नयन की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा। उन्होंने चयनित महिलाओं को ‘ड्रोन दीदी’ के रूप में प्रशिक्षित करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए।

शिकायतों के निराकरण में लापरवाही पर नाराजगी
बैठक में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों की विभागवार समीक्षा की गई। कलेक्टर ने शिकायतों का संतोषजनक एवं समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निर्धारित अवधि में शिकायतों का निराकरण नहीं किए जाने पर शिक्षा और विद्युत विभाग के अधिकारियों के प्रति उन्होंने नाराजगी जताई।

संबंधित अधिकारियों को शोकॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। साथ ही लोक सेवा गारंटी अधिनियम के प्रावधानों के तहत नियमानुसार अर्थदंड की कार्रवाई किए जाने की बात कही गई।

बारिश से हुए नुकसान का सर्वे कराएं
कलेक्टर ने बारिश के दौरान जहां कहीं भी शासकीय अथवा निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचा है, वहां सर्वे कराने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रभावित लोगों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने कहा। क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत भी प्राथमिकता से कराने के निर्देश दिए गए।

बैठक में निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय, एसडीएम कटघोरा विपिन दुबे, ओएसडी तरुण कुमार किरण, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

विभागीय परीक्षा में असफल पटवारी की नियुक्ति समाप्त
इधर, कलेक्टर कार्यालय की भू-अभिलेख शाखा द्वारा विभागीय परीक्षा में निर्धारित अवसरों में सफल नहीं होने पर पटवारी रविन्द्र कुमार बंजारे की पटवारी पद पर नियुक्ति तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है। वे हल्का नंबर 01 सपलवा, तहसील पाली में पदस्थ थे।

कार्यालयीन आदेश के अनुसार रविन्द्र कुमार बंजारे को वर्ष 2015 में पटवारी प्रशिक्षु के पद पर अनुकंपा नियुक्ति दी गई थी। इसके बाद उन्हें पटवारी प्रशिक्षण के लिए पटवारी प्रशिक्षण केंद्र बिलासपुर भेजा गया। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद आयोजित पटवारी विभागीय परीक्षा में वे निर्धारित चार अवसरों में सफल नहीं हो सके।

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि छत्तीसगढ़ भू-अभिलेख नियमावली में विभागीय परीक्षा में असफल प्रशिक्षणार्थी को परीक्षा में शामिल होने के लिए पांचवां अवसर दिए जाने का प्रावधान नहीं है। इसी आधार पर उनकी पटवारी पद पर नियुक्ति समाप्त करने की कार्रवाई की गई।