NTPC पर 90 लाख की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति,अवैध राखड़ डम्पिंग पर पर्यावरण विभाग का बड़ा एक्शन

रात के अंधेरे में शासकीय जमीन पर डम्प हो रही थी फ्लाई ऐश! छुरीखुर्द में दबिश के दौरान पकड़े गए वाहन, धनरास राखड़ बांध से राखड़ पहुंचने का खुलासा

कोरबा। फ्लाई ऐश के अवैध परिवहन और डम्पिंग को लेकर पर्यावरण विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने NTPC लिमिटेड, जमनीपाली पर 90 लाख रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपित की है। मामला ग्राम छुरीखुर्द में शासकीय भूमि पर कथित अवैध फ्लाई ऐश डम्पिंग से जुड़ा है। रात्रिकालीन गश्त के दौरान पर्यावरण विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर डम्पिंग में लगे वाहनों की जांच की, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।

रात में दबिश, शासकीय भूमि पर मिली राखड़ डम्पिंग

जानकारी के अनुसार जिला पर्यावरण अधिकारी प्रसन्ना सोनकर के नेतृत्व में टीम ने रात्रिकालीन गश्त के दौरान ग्राम छुरीखुर्द स्थित फ्लाई ऐश डम्पिंग स्थल पर दबिश दी। मौके पर फ्लाई ऐश से लदे वाहन मिले, जिनकी जांच की गई।

जांच में विभाग के सामने आया कि वाहनों में NTPC जमनीपाली के धनरास राखड़ बांध से फ्लाई ऐश लोड कर शासकीय भूमि पर डम्पिंग की जा रही थी। नियमों के विपरीत डम्पिंग की गतिविधि सामने आने के बाद विभाग ने प्रकरण में पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति की कार्रवाई की।

90 लाख की क्षतिपूर्ति, बड़ी कार्रवाई से मचा हड़कंप

पर्यावरण विभाग ने जांच के बाद NTPC जमनीपाली पर 90 लाख रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपित की है। फ्लाई ऐश प्रबंधन को लेकर लगातार उठते सवालों के बीच इसे विभाग की अब तक की प्रमुख आर्थिक कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है।

शासकीय भूमि पर राखड़ पहुंचने के मामले ने यह सवाल भी खड़ा किया है कि फ्लाई ऐश के परिवहन से लेकर उसके अंतिम निस्तारण तक निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी थी।

फ्लाई ऐश की पूरी चेन अब जांच के दायरे में

कार्रवाई के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि धनरास राखड़ बांध से फ्लाई ऐश लेकर निकले वाहन शासकीय भूमि तक कैसे पहुंचे? परिवहन के दौरान उनकी निगरानी किस स्तर पर हुई? डम्पिंग के लिए संबंधित स्थल का इस्तेमाल किसकी अनुमति से किया जा रहा था?

अब विभाग की कार्रवाई केवल डम्पिंग स्थल तक सीमित रहेगी या फ्लाई ऐश के लोडिंग, परिवहन और डम्पिंग की पूरी श्रृंखला की जवाबदेही भी तय होगी, इस पर नजर है।

‘अवैध डम्पिंग पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी’

जिला पर्यावरण अधिकारी प्रसन्ना सोनकर ने कहा कि अवैध फ्लाई ऐश डम्पिंग के खिलाफ विभाग की रात्रिकालीन गश्त लगातार जारी है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

90 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति की कार्रवाई के बाद अब फ्लाई ऐश प्रबंधन से जुड़े अन्य मामलों पर भी विभाग की निगाहें टिक गई हैं। कार्रवाई ने यह संदेश भी दिया है कि पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी पर आर्थिक दंड के साथ जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया आगे भी जारी रह सकती है।