नशे के खिलाफ जंग में एसईसीएल की पहल, ब्रह्माकुमारीज को 22 लाख की सहायता

मोबाइल स्वास्थ्य जागरूकता वाहन से युवाओं और ग्रामीणों तक पहुंचेगा नशामुक्ति का संदेश

कोरबा। नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने और समाज में स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए एसईसीएल ने सामाजिक सरोकार से जुड़ी एक महत्वपूर्ण पहल की है।

कंपनी ने ब्रह्माकुमारी संस्थान से संबद्ध राजयोग शिक्षा एवं अनुसंधान फाउंडेशन के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया है। इसके तहत एसईसीएल द्वारा 22.23 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इस राशि से आधुनिक सुविधाओं से लैस मोबाइल स्वास्थ्य जागरूकता वाहन और आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।

सीएसआर के तहत शुरू की जा रही इस पहल का उद्देश्य नशे के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करना और नशामुक्त जीवन के लिए प्रेरित करना है। मोबाइल वाहन के जरिए जागरूकता अभियान को शहरों तक सीमित न रखते हुए स्कूल-कॉलेज, ग्रामीण क्षेत्रों और समाज के कमजोर वर्गों तक पहुंचाने की योजना है।

युवाओं को नशे से दूर रखने पर जोर
मोबाइल स्वास्थ्य जागरूकता वाहन के माध्यम से विद्यार्थियों और युवाओं को विशेष रूप से नशे के दुष्परिणामों की जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही नशामुक्ति, निवारक स्वास्थ्य देखभाल और स्वस्थ जीवनशैली से संबंधित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

अभियान का फोकस केवल नशे के खिलाफ चेतावनी देने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि लोगों को स्वस्थ विकल्प अपनाने और नशे की आदत से बाहर निकलने के लिए प्रेरित करने पर भी रहेगा। नियमित जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से समुदाय में सकारात्मक वातावरण तैयार करने का प्रयास किया जाएगा।

22.23 लाख से तैयार होगा जागरूकता वाहन
एसईसीएल की वित्तीय सहायता से विशेष रूप से सुसज्जित मोबाइल स्वास्थ्य जागरूकता वाहन तथा आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था की जाएगी। यह वाहन विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर स्वास्थ्य एवं नशामुक्ति से जुड़े संदेशों को लोगों तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा।

एसईसीएल का उद्देश्य है कि स्वास्थ्य जागरूकता और नशामुक्ति के संदेश सीधे समुदाय तक पहुंचे, ताकि नशे की रोकथाम के लिए व्यापक स्तर पर जनभागीदारी सुनिश्चित की जा सके।

एसईसीएल और ब्रह्माकुमारीज के बीच एमओयू
एमओयू के अवसर पर एसईसीएल के मानव संसाधन निदेशक बिरंची दास, महाप्रबंधक (सीएसआर) अजय बेहरा तथा ब्रह्माकुमारी रुक्मणी दीदी और बिंदु दीदी उपस्थित रहीं।

एसईसीएल की यह पहल ‘नशामुक्त भारत’ की दिशा में स्थानीय स्तर पर जागरूकता को मजबूत करने वाला कदम है। मोबाइल वाहन के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच बनाकर नशे के दुष्प्रभावों के प्रति चेतना बढ़ाने और स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान देने का प्रयास किया जाएगा।