साइबर जागृति अभियान लगातार जारी, वित्तीय संस्थानों से गांवों तक पहुंच रही पुलिस

UPI-बैंक फ्रॉड समेत साइबर अपराधों से बचाव की दी जानकारी, OTP और UPI PIN साझा नहीं करने की अपील

कोरबा। जिले में साइबर अपराधों के प्रति आम नागरिकों को जागरूक करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा ‘साइबर जागृति अभियान’ लगातार जारी है। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के मार्गदर्शन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले एवं नितीश ठाकुर के निर्देशन में अभियान के दूसरे सप्ताह में पुलिस टीमों द्वारा विभिन्न वित्तीय संस्थानों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, सार्वजनिक स्थलों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

इसी कड़ी में 30 अगस्त 2026 को थाना कोतवाली, बालको, दर्री, दीपका, बांकीमोंगरा, सिविल लाइन, पाली, बांगो, रजगामार एवं चैतमा पुलिस द्वारा विभिन्न बैंकिंग संस्थानों, औद्योगिक एवं सार्वजनिक क्षेत्रों में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। पुलिस टीमों ने नागरिकों को वर्तमान समय में सामने आ रहे विभिन्न प्रकार के साइबर फ्रॉड, UPI फ्रॉड और बैंकिंग धोखाधड़ी के तरीकों की जानकारी देते हुए उनसे बचाव के उपाय बताए।

गांवों तक पहुंचकर पुलिस ने किया जागरूक
अभियान के तहत पुलिस द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में भी पहुंचकर लोगों को साइबर अपराध के प्रति सतर्क किया जा रहा है।

महिला थाना पुलिस ने महर्षि वाल्मीकि आश्रम, कोरबा, करतला पुलिस ने ग्राम नवापारा, बांगो पुलिस ने ग्राम कोनकोना तथा पाली पुलिस ने ग्राम दमियापाली में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर ग्रामीणों को डिजिटल लेनदेन में बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी।

पुलिस टीमों ने समझाइश दी कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, UPI PIN, पासवर्ड, एटीएम/बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें। इसके अलावा अनजान लिंक पर क्लिक करने, फर्जी कॉल का जवाब देने, संदिग्ध APK फाइल डाउनलोड करने तथा फर्जी वेबसाइट के माध्यम से व्यक्तिगत या बैंकिंग जानकारी दर्ज करने से बचने की सलाह दी गई।

ठगी होते ही 1930 पर करें शिकायत
कोरबा पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि साइबर ठगी का शिकार होने पर घबराएं नहीं, बल्कि तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें अथवा cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन रिपोर्ट दर्ज कराएं।

पुलिस के अनुसार ठगी की घटना के तुरंत बाद शिकायत किए जाने पर धोखाधड़ी से निकाली गई राशि को रोकने या उसके प्रवाह को बाधित करने की संभावना बढ़ जाती है।

पुलिस ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि सतर्कता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।

सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाएं, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना दें और जिम्मेदार डिजिटल नागरिक की भूमिका निभाएं।