सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत  जिला स्तरीय क्विज प्रतियोगिता का आयोजन

बालिका वर्ग में विभूति ताम्रकार और बालक वर्ग में रितेश अनंत रहे अव्वल

कोरबा। सड़क सुरक्षा के प्रति विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाने और उन्हें यातायात नियमों के प्रति जिम्मेदार बनाने के उद्देश्य से सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत शनिवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में विकासखंड स्तर पर चयनित छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और यातायात नियमों, सड़क सुरक्षा, यातायात संकेतों तथा सुरक्षित आवागमन से जुड़े सवालों का जवाब देकर अपनी जानकारी का प्रदर्शन किया।

जिला स्तरीय प्रतियोगिता से पूर्व 8 अगस्त को विद्यालय स्तर तथा 22 अगस्त को विकासखंड स्तर पर क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। इन चरणों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को जिला स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयनित किया गया। अंतिम चरण में विद्यार्थियों से विभिन्न चरणों में सवाल पूछकर उनके ज्ञान और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता की परख की गई।

विभूति ने बालिका वर्ग में मारी बाजी
बालिका वर्ग में सेजेस पाली की विभूति ताम्रकार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया। सेजेस कटघोरा की सौम्या जायसवाल द्वितीय तथा सेजेस बालको की सावित्री तृतीय स्थान पर रहीं।

वहीं बालक वर्ग में जवाली के रितेश अनंत ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। सेंद्रीपाली के जितेश ने द्वितीय तथा दादरखुर्द के खगेश ने तृतीय स्थान हासिल किया।

डीईओ ने कहा- सड़क सुरक्षा हर नागरिक की जिम्मेदारी
कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी ताम्रेश्वर उपाध्याय ने विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा का संदेश देते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा केवल यातायात विभाग या पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।

उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं यातायात नियमों का पालन करने के साथ परिवार और समाज के लोगों को भी जागरूक करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि हेलमेट एवं सीट बेल्ट का उपयोग, यातायात संकेतों का पालन और निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाना सड़क दुर्घटनाओं से बचाव के लिए बेहद जरूरी है।

विद्यालयों के माध्यम से बच्चों में सड़क सुरक्षा की आदत विकसित करना सुरक्षित भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

जागरूक विद्यार्थी बन सकते हैं सड़क सुरक्षा के दूत
जिला नोडल अधिकारी फरहाना अली ने कहा कि सड़क सुरक्षा जागरूकता को केवल एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना जरूरी है। विद्यार्थी स्वयं नियमों का पालन करने के साथ अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक कर सड़क दुर्घटनाओं को रोकने में प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं।

कार्यक्रम में जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा बलराम वैष्णव, वरिष्ठ लिपिक सतानंद जांगड़े, एपीसी चंद्रेश दूबे, एपीसी पवन मानिकपुरी, तनुप्रिया देवांगन, सपना द्विवेदी, व्याख्याता सुमन मिश्रा सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन नीलम शर्मा ने किया।

प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को जिला शिक्षा अधिकारी ने बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के साथ उन्हें सजग, जिम्मेदार और सुरक्षित नागरिक बनाने का संदेश देना रहा।