वनौषधि प्रसंस्करण से लेकर हाथी मित्र दल तक, वनमंत्री कश्यप ने जानी जमीनी हकीकत

स्व सहायता समूह महिलाओं से किया संवाद, वन आधारित आजीविका को सराहा; हाथी मित्र दल को मोटरसाइकिल और सुरक्षा किट प्रदान

कोरबा।वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने कोरबा जिले के प्रवास के दौरान विभिन्न वन क्षेत्रों का भ्रमण कर वन आधारित आजीविका, वनौषधि प्रसंस्करण और मानव-हाथी संघर्ष की स्थिति से जुड़े कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने स्व सहायता समूह की महिलाओं से संवाद कर उनकी गतिविधियों और आय के स्रोतों की जानकारी ली। वहीं हाथी-मानव द्वंद्व की रोकथाम में जुटे हाथी मित्र दल के सदस्यों को आवश्यक संसाधन प्रदान किए।

वनमंत्री कश्यप ने ग्राम डोंगानाला स्थित वनौषधि प्रसंस्करण केंद्र का अवलोकन किया। यहां उन्होंने हरि बोल स्व सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं से आत्मीय संवाद किया। समूह की महिलाओं ने उन्हें बताया कि स्थानीय वन संसाधनों से विभिन्न उत्पाद तैयार कर उन्हें बाजार तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे उन्हें आय अर्जित करने के साथ आजीविका को मजबूत करने में मदद मिल रही है।

मंत्री ने महिलाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि स्व सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण और वन संसाधनों के जरिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने समूह द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों का भी अवलोकन किया।

लिंक फेंसिंग के लिए पहल का आश्वासन, 3.72 लाख का चेक
वनौषधि प्रसंस्करण केंद्र परिसर में सुरक्षा व्यवस्था के लिए लिंक फेंसिंग की मांग पर वनमंत्री ने आवश्यक पहल करने का आश्वासन दिया। इस दौरान उन्होंने समूह की महिलाओं को प्रोत्साहित करते हुए 3 लाख 72 हजार रुपये का चेक प्रदान किया।

हाथी मित्र दल को मोटरसाइकिल और सुरक्षा किट
वनमंत्री ने पोड़ी-उपरोड़ा विकासखंड के वन विश्राम गृह बुका में स्थानीय लोगों से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने चोटिया स्थित हाथी नियंत्रण केंद्र का दौरा कर वन्यजीवों की सुरक्षा और मानव-हाथी संघर्ष की रोकथाम के लिए कार्यरत हाथी मित्र दल के सदस्यों से चर्चा की।

हाथी मित्र दल के सदस्यों को मोटरसाइकिल एवं सुरक्षा किट प्रदान करते हुए मंत्री कश्यप ने कहा कि हाथी-मानव द्वंद्व की रोकथाम के लिए वन विभाग,स्थानीय प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीण समुदायों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। उन्होंने स्थानीय वन प्रबंधन समितियों के सदस्यों से भी चर्चा कर वन संरक्षण से जुड़े विषयों की जानकारी ली।

इस दौरान विधायक कटघोरा प्रेमचंद पटेल, एसीएस मनोज पिंगुआ, प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरुण कुमार पाण्डेय सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, वन विभाग के अधिकारी- कर्मचारी, वन प्रबंधन समितियों के सदस्य और हाथी मित्र दल के सदस्य उपस्थित रहे।