KORBA: गांवों में करोड़ों के निर्माण कराने वाला RES खुद जर्जर भवन में बदहाल

कटघोरा कार्यालय की छत से बारिश में टपकता पानी, फाइलों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर मंडरा रहा खतरा

कोरबा-कटघोरा। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पुलिया, स्कूल भवन, आंगनबाड़ी सहित करोड़ों रुपये के विकास कार्यों का निर्माण और उनकी निगरानी करने वाले ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (RES) का कटघोरा स्थित कार्यालय खुद बदहाली का शिकार है। वर्षों पुराने जर्जर भवन में संचालित कार्यालय की छत बारिश के दौरान टपकने लगती है। ऐसे में यहां रखे महत्वपूर्ण शासकीय दस्तावेज, निर्माण कार्यों की फाइलें और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

विडंबना यह है कि ग्रामीण क्षेत्रों में पक्के और मजबूत भवनों के निर्माण की तकनीकी निगरानी करने वाला विभाग स्वयं एक सुरक्षित और व्यवस्थित कार्यालय भवन के लिए परेशान नजर आ रहा है।

बारिश में छत से टपकता है पानी, फाइलों पर खतरा
कटघोरा स्थित RES कार्यालय के भवन की हालत खराब बताई जा रही है। बारिश के दौरान छत से पानी अंदर आने के कारण कर्मचारियों को कार्यालय में रखी फाइलों और जरूरी दस्तावेजों को सुरक्षित रखने के लिए अतिरिक्त मशक्कत करनी पड़ती है। बताया जाता है कि कई बार दस्तावेजों को प्लास्टिक से ढंककर पानी से बचाने की व्यवस्था करनी पड़ती है।

कार्यालय में पंचायतों के निर्माण कार्यों से संबंधित टेंडर दस्तावेज, कार्यादेश, माप पुस्तिकाएं, भुगतान संबंधी रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण अभिलेख रखे जाते हैं। लगातार नमी और पानी रिसाव के कारण इनके खराब होने की आशंका बनी हुई है।

कंप्यूटर और बिजली उपकरण भी जोखिम में
भवन की जर्जर स्थिति के बीच कार्यालय में रखे कंप्यूटर, प्रिंटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी बारिश के दौरान सुरक्षित नहीं हैं। छत से पानी रिसने की स्थिति में विद्युत उपकरणों तक पानी पहुंचने से शॉर्ट सर्किट या अन्य दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।

कर्मचारियों के लिए यह स्थिति केवल असुविधा नहीं, बल्कि सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय बन गई है।

करोड़ों के निर्माण की निगरानी, खुद स्थायी भवन का इंतजार
RES के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में लाखों से लेकर करोड़ों रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्य कराए जाते हैं।

विभाग इन कार्यों की तकनीकी प्रक्रिया, गुणवत्ता और प्रगति की निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

इसके बावजूद कटघोरा में विभाग का कार्यालय लंबे समय से जर्जर भवन में संचालित होने की स्थिति सामने आने से सवाल उठ रहा है कि जब विभाग बड़े-बड़े निर्माण कार्यों की योजना, तकनीकी स्वीकृति और निगरानी करता है, तो उसके अपने कार्यालय भवन की समस्या का स्थायी समाधान अब तक क्यों नहीं हो सका?

बारिश के बाद स्थिति और चिंताजनक
हाल की बारिश के बाद भवन की स्थिति और खराब होने की बात सामने आई है। भवन की दीवारों में दरार और छत के क्षतिग्रस्त हिस्सों को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। यदि भवन की स्थिति वास्तव में असुरक्षित है तो कर्मचारियों की सुरक्षा के साथ-साथ महत्वपूर्ण शासकीय रिकॉर्ड को देखते हुए तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था किया जाना जरूरी है।

पंचायत प्रतिनिधियों ने भी उठाए सवाल
स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि गांवों में स्कूल, आंगनबाड़ी, सड़क और अन्य विकास कार्यों के लिए मजबूत भवन बनाने वाली संस्था का अपना कार्यालय ही बारिश में सुरक्षित नहीं रहना गंभीर विडंबना है।

उनका कहना है कि कार्यालय में रखे तकनीकी दस्तावेज और निर्माण कार्यों से संबंधित रिकॉर्ड सुरक्षित रहना बेहद जरूरी है, क्योंकि इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर विकास कार्यों की निगरानी, माप, भुगतान और अन्य प्रशासनिक प्रक्रिया आगे बढ़ती है।

नए भवन के लिए पत्राचार का दावा
विभागीय स्तर पर कार्यालय के लिए नए भवन की आवश्यकता को लेकर शासन को कई बार पत्राचार किए जाने की बात कही जा रही है। हाल की बारिश में भवन की स्थिति खराब होने के बाद वैकल्पिक व्यवस्था और नए कार्यालय भवन के लिए पुनः प्रस्ताव भेजने की बात भी सामने आई है।

अब सवाल यह है कि वर्षों से चली आ रही इस समस्या का स्थायी समाधान कब होगा।

अब सिर्फ भवन नहीं, रिकॉर्ड और कर्मचारियों की सुरक्षा का सवाल
कटघोरा RES कार्यालय की स्थिति ने प्रशासन के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या किसी बड़े हादसे या महत्वपूर्ण सरकारी रिकॉर्ड के क्षतिग्रस्त होने का इंतजार किया जाएगा? क्या बारिश के दौरान कार्यालय को किसी सुरक्षित शासकीय भवन में अस्थायी रूप से स्थानांतरित किया जाएगा? और सबसे बड़ा सवाल करोड़ों रुपये के ग्रामीण विकास कार्यों की निगरानी करने वाली एजेंसी को कटघोरा में अपना सुरक्षित और स्थायी कार्यालय भवन कब मिलेगा?

प्रशासन यदि समय रहते इस ओर ध्यान देता है तो न केवल कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि महत्वपूर्ण सरकारी रिकॉर्ड और विकास कार्यों से जुड़ी दस्तावेजी व्यवस्था को भी सुरक्षित रखा जा सकेगा।