पूर्व सरपंच और सचिव को कारण बताओ नोटिस

कछार में अधूरी सीसी रोड का मामला, 2.50 लाख रुपये की वसूली प्रस्तावित; राशि जमा नहीं करने पर सिविल जेल की चेतावनी

कोरबा। ग्राम पंचायत कछार में जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) से स्वीकृत सीसी रोड निर्माण कार्य पूर्ण नहीं होने के मामले में पंचायत के तत्कालीन सरपंच एवं सचिव के विरुद्ध कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं पंचायत राज अधिनियम के विहित प्राधिकारी, कोरबा ने छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993 की धारा 92(4) के तहत दोनों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

प्रकरण के अनुसार वर्ष 2021-22 में ग्राम पंचायत कछार के बाजार के पास बुढवा गौटिया गरघट से ठाकुरदिया की ओर 303 मीटर सीसी रोड निर्माण के लिए डीएमएफ से 10 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई थी।

जनपद पंचायत कोरबा से प्राप्त प्रतिवेदन में उल्लेख किया गया है कि स्वीकृत कार्य अब तक पूर्ण नहीं कराया गया है।

इसके आधार पर तत्कालीन सरपंच एवं सचिव के विरुद्ध पंचायत राज अधिनियम के तहत वसूली एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की गई है।

जारी नोटिस में 5 लाख रुपये की आधी राशि यानी 2.50 लाख रुपये वसूली योग्य बताई गई है। संबंधित तत्कालीन सरपंच एवं सचिव को निर्देश दिया गया है कि वे 31 जुलाई 2026 तक लिखित रूप से अपना पक्ष प्रस्तुत करें कि उक्त राशि की उनसे वसूली क्यों न की जाए। निर्धारित समय में जवाब नहीं देने अथवा जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर पंचायत राज अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

सिविल जेल भेजे जाने का भी प्रावधान
नोटिस में पंचायत राज अधिनियम की धारा 92 के प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा गया है कि विहित प्राधिकारी के निर्देश के बावजूद अभिलेख, वस्तु अथवा धनराशि प्रस्तुत नहीं करने या ऐसा करने से इनकार करने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध गिरफ्तारी की कार्रवाई की जा सकती है। ऐसे मामले में वारंट के माध्यम से 30 दिन से अधिक की अवधि के लिए नहीं होने वाली सिविल जेल में निरुद्ध किए जाने का प्रावधान बताया गया है।

अब देखना होगा कि तत्कालीन सरपंच एवं सचिव द्वारा नोटिस का क्या जवाब प्रस्तुत किया जाता है और प्रशासन इस मामले में आगे क्या कार्रवाई करता है।