मातृ-शिशु स्वास्थ्य और मौसमी बीमारियों की रोकथाम पर जोर

सीएमएचओ डॉ. एस.एन. केशरी ने ब्लॉक समन्वयकों एवं स्वास्थ्य पंचायत समन्वयकों की बैठक में दिए निर्देश

कोरबा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.एन. केशरी की अध्यक्षता में जिले के सभी विकासखंडों के ब्लॉक समन्वयकों एवं स्वास्थ्य पंचायत समन्वयकों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करते हुए मैदानी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।

बैठक में जिला कुष्ठ अधिकारी, जिला लेखा प्रबंधक, जिला समन्वयक, शहरी समन्वयक, डीएमसी, 10 ब्लॉक कोऑर्डिनेटर एवं 5 एसपीएस उपस्थित रहे।

सीएमएचओ डॉ. केशरी ने गर्भवती महिलाओं की प्रथम तिमाही में पहचान एवं पंजीयन सुनिश्चित करने तथा हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी) वाली महिलाओं की पहचान कर उनकी आवश्यक जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने गर्भवती महिलाओं द्वारा आयरन एवं कैल्शियम की दवाओं का नियमित सेवन किया जा रहा है या नहीं, इसकी भी लगातार मॉनिटरिंग करने कहा।

उन्होंने मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए कार्ययोजना बनाकर प्रभावी ढंग से कार्य करने तथा टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत टीबी के संदिग्ध मरीजों को एक्स-रे जांच के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। कुष्ठ नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत मरीजों की पहचान और आवश्यक जानकारी दर्ज कराने में सहयोग करने की बात भी कही।

मौसमी बीमारी और सर्पदंश को लेकर जागरूकता बढ़ाने के निर्देश
डॉ. केशरी ने क्षेत्र में मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार एवं जनजागरूकता गतिविधियां संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मितानिन अपने क्षेत्रों में नियमित भ्रमण कर लोगों को मौसमी बीमारियों से बचाव के उपायों की जानकारी दें और बीमारी होने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने के लिए प्रेरित करें।

सर्पदंश की घटनाओं को रोकने के लिए भी ग्रामीणों को जागरूक करने तथा सर्पदंश की स्थिति में समय गंवाए बिना मरीज को निकटतम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अथवा अस्पताल पहुंचाने पर जोर दिया गया। मितानिन दवा पेटी में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

स्तनपान सप्ताह में जागरूकता पर विशेष जोर
बैठक में 1 से 7 अगस्त तक मनाए जा रहे स्तनपान सप्ताह के दौरान गर्भवती महिलाओं और आम नागरिकों को स्तनपान के महत्व की जानकारी देने के निर्देश दिए गए।

विशेष रूप से 0 से 6 माह तक के शिशुओं के लिए मां के दूध के महत्व के प्रति परिवारों को जागरूक करने पर जोर दिया गया।

सीएमएचओ ने सभी मैदानी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करते हुए नियमित निगरानी, उपचार एवं जनजागरूकता गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए।