बिजली के जर्जर ढांचे ने बढ़ाई चिंता, दो जगह शॉर्ट सर्किट से आग

कोरबा। शहर में बिजली विभाग के जर्जर विद्युत ढांचे को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। कोरबा-पश्चिम के मानिकपुर क्षेत्र की उरांव बस्ती और दादर के दामाद मोहल्ले में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने की दो अलग-अलग घटनाएं सामने आईं। दोनों घटनाओं के बाद संबंधित क्षेत्रों में लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रही और लोगों में विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी देखी गई।

लाइन बॉक्स में शॉर्ट सर्किट, चिंगारियों से मची दहशत

मानिकपुर की उरांव बस्ती में बिजली के खंभे पर लगे लाइन बॉक्स में अचानक शॉर्ट सर्किट हो गया। देखते ही देखते बॉक्स में आग लग गई और करीब 15 मिनट तक उसमें से चिंगारियां निकलती रहीं। इस दौरान पटाखे जैसी तेज आवाजें आने से आसपास के लोग घबरा गए और कई लोग घरों से बाहर निकल आए।

कुछ देर बाद विद्युत प्रवाह स्वत: बंद हो गया, जिसके बाद पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में कई बिजली खंभे जर्जर हालत में हैं। तार भी जगह-जगह लटक रहे हैं और लाइन बॉक्स में जंग लग चुकी है। इसके बावजूद समय पर मरम्मत नहीं की जा रही है।

ट्रांसफार्मर में लगी आग, अंधेरे में रहा मोहल्ला

दूसरी घटना दादर के दामाद मोहल्ला बस्ती में हुई, जहां शॉर्ट सर्किट के कारण ट्रांसफार्मर में अचानक आग लग गई। ट्रांसफार्मर से तेज लपटें उठती देख आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए। घटना के बाद पूरे मोहल्ले की बिजली बंद हो गई और लोगों को घंटों अंधेरे में रहना पड़ा।

स्थानीय लोगों ने तत्काल बिजली विभाग को सूचना दी। उनका आरोप है कि विभागीय टीम काफी देर बाद मौके पर पहुंची। तब तक ट्रांसफार्मर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका था। बाद में कर्मचारियों ने आग पर काबू पाने के बाद मरम्मत कार्य शुरू किया।

बार-बार शिकायत के बावजूद व्यवस्था सुधारने की मांग

स्थानीय निवासियों का कहना है कि जर्जर खंभों, पुराने तारों और ट्रांसफार्मरों की समस्या को लेकर कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों से शिकायत की जा चुकी है। वर्तमान एवं पूर्व पार्षदों द्वारा भी व्यवस्था सुधारने के लिए लिखित रूप से मांग किए जाने की बात कही गई है।

लोगों ने मांग की है कि विद्युत विभाग शहर के जर्जर खंभों, तारों और पुराने ट्रांसफार्मरों का सर्वे कराकर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर बदले। उनका कहना है कि समय रहते आवश्यक सुधार नहीं किए गए तो शॉर्ट सर्किट की घटनाएं बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं।