1.99 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में AI से हाथियों की निगरानी, मानव-हाथी संघर्ष में कमी का वन विभाग का दावा

कोरबा। कटघोरा वनमंडल में मानव-हाथी संघर्ष की चुनौती के बीच वन विभाग ने हाथियों की निगरानी और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सहित आधुनिक डिजिटल तकनीकों का इस्तेमाल शुरू किया है। विभाग का दावा है कि बेहतर निगरानी, समय पर अलर्ट और रणनीतिक प्रबंधन के कारण मानव-हाथी संघर्ष से जुड़ी घटनाओं में कमी आई है।

लेमरू हाथी रिजर्व के करीब 1.99 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में AI-GIS, डिजिटल मैपिंग और वैज्ञानिक विश्लेषण के माध्यम से हाथियों के प्राकृतिक कॉरिडोर और उनकी गतिविधियों की निगरानी की जा रही है। इसका उद्देश्य हाथियों की आवाजाही को पहले से समझकर उनके गांवों की ओर आने की स्थिति में ग्रामीणों को समय पर सतर्क करना है।

24 घंटे हाथी नियंत्रण केंद्र से निगरानी
कटघोरा वनमंडल में सप्ताह के सातों दिन 24 घंटे हाथी नियंत्रण केंद्र के माध्यम से निगरानी की जा रही है। इसके अलावा ‘गजसंकेत’ मोबाइल ऐप, थर्मल ड्रोन, सीसीटीवी कैमरे और टोल-फ्री हेल्पलाइन जैसी व्यवस्थाओं का भी उपयोग किया जा रहा है।

वन विभाग के अनुसार सितंबर 2023 से जून 2026 के बीच ‘गजसंकेत’ ऐप पर 1,097 हाथी मूवमेंट दर्ज किए गए। इन गतिविधियों के आधार पर ग्रामीणों को 2.68 लाख से अधिक अलर्ट भेजे गए। समय रहते सूचना मिलने से ग्रामीणों को संवेदनशील स्थानों से सुरक्षित हटने में मदद मिल रही है।

मानव मौत के मामलों में कमी का दावा
वन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2020-21 में हाथी-मानव संघर्ष में मानव मृत्यु के 9 मामले सामने आए थे। वर्ष 2025-26 में यह संख्या घटकर 3 रह गई। विभाग का यह भी दावा है कि पिछले दो वर्षों में हाथियों के हमले में मानव घायल होने का कोई मामला सामने नहीं आया।

हालांकि, जिले के विभिन्न क्षेत्रों में हाथियों की मौजूदगी और उनसे जुड़ी घटनाएं अब भी चुनौती बनी हुई हैं। ऐसे में वन विभाग की हाईटेक निगरानी व्यवस्था की वास्तविक प्रभावशीलता लगातार निगरानी और मैदानी स्तर पर त्वरित कार्रवाई से ही तय होगी।

मकान क्षति के मामलों में भी बड़ी कमी
वन विभाग के अनुसार वर्ष 2020-21 में हाथियों के कारण 513 मकानों को नुकसान पहुंचा था। वहीं वर्ष 2025-26 में यह संख्या घटकर 33 रह गई। विभाग इसे मानव-हाथी संघर्ष प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि मान रहा है।

तकनीक से निगरानी का नया मॉडल

1.99 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में AI-GIS आधारित निगरानी

1,097 हाथी मूवमेंट ‘गजसंकेत’ ऐप पर दर्ज

2.68 लाख से अधिक ग्रामीण अलर्ट

मानव मृत्यु: 9 से घटकर 3

मकान क्षति: 513 से घटकर 33

थर्मल ड्रोन, CCTV और 24×7 नियंत्रण केंद्र से निगरानी