पीएम आवास स्वीकृत, फिर भी चला बुलडोजर: इमलीडुग्गू की कार्रवाई पर उठे सवाल

महिला ने लगाया भेदभाव का आरोप, पूर्व पार्षद बोले– अतिक्रमण हटाने की गई कार्रवाई

कोरबा। कोरबा के इमलीडुग्गू पोखरी क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई अब विवादों में घिर गई है। नगर निगम के तोड़ू दस्ते द्वारा एक निर्माणाधीन मकान को अतिक्रमण बताते हुए ध्वस्त किए जाने के बाद प्रभावित महिला ने कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए भेदभाव का आरोप लगाया है।

प्रभावित महिला शांति (आशा) भैना का कहना है कि वह पिछले लगभग 10 वर्षों से उक्त स्थान पर रह रही है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उनका मकान स्वीकृत हुआ था और निर्माण कार्य जारी था। इसके बावजूद उनके मकान पर बुलडोजर चला दिया गया।

महिला का आरोप है कि क्षेत्र में अन्य लोगों द्वारा किए गए अतिक्रमण पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, जबकि उनके निर्माण को ही निशाना बनाया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि क्षेत्र की जमीन कई लोगों को पैसे लेकर बेची गई, लेकिन उन मामलों पर कार्रवाई नहीं की गई।

वहीं पूर्व पार्षद सुफल दास ने कहा कि संबंधित निर्माण अतिक्रमण की श्रेणी में था, इसलिए नियमानुसार कार्रवाई की गई। कार्रवाई करने वाली टीम के प्रभारी ने भी बताया कि उन्हें प्राप्त शिकायत के आधार पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई है।

गौरतलब है कि हाल के दिनों में राताखार सहित शहर के अन्य क्षेत्रों में भी अतिक्रमण हटाने के अभियान चलाए गए हैं।

प्रशासन का कहना है कि सार्वजनिक भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हालांकि इमलीडुग्गू की इस कार्रवाई के बाद पीएम आवास स्वीकृत होने के बावजूद मकान तोड़े जाने को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।