पीएम आवास में कथित फर्जीवाड़े की जांच शुरू, अधूरे मकान पर पूरा भुगतान का मामला गरमाया

दूसरे मकान का जियो टैग कर राशि जारी करने का आरोप

कोरबा/करतला। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में कथित अनियमितताओं का एक और मामला सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। करतला विकासखंड के ग्राम पंचायत कराईनारा के आश्रित ग्राम भेलवागुड़ी में एक हितग्राही के अधूरे आवास को सरकारी रिकॉर्ड में पूर्ण दर्शाकर पूरी राशि जारी किए जाने के आरोपों की जांच शुरू कर दी गई है।

मामले के प्रकाश में आने के बाद जनपद पंचायत करतला ने 30 जुलाई 2026 को जांच के आदेश जारी कर संबंधित पक्षों को उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।

जानकारी के अनुसार, हितग्राही गंगा राम पिता विशाल दास के नाम स्वीकृत प्रधानमंत्री आवास को रिकॉर्ड में पूर्ण दर्शाया गया है। आरोप है कि वास्तविक निर्माण अधूरा होने के बावजूद किसी अन्य हितग्राही के बने मकान की तस्वीरों का जियो टैग कर शासन को गुमराह किया गया और पूरी राशि का भुगतान कर दिया गया। साथ ही मनरेगा के तहत मजदूरी भुगतान भी दर्ज होने का दावा किया गया है।

बताया जा रहा है कि वर्ष 2024-25 में स्वीकृत इस आवास के लिए प्रथम किश्त 40 हजार रुपये, द्वितीय किश्त 55 हजार रुपये तथा तृतीय किश्त 25 हजार रुपये जारी कर कुल स्वीकृत राशि का भुगतान रिकॉर्ड में दर्ज है। लेकिन मौके पर मकान अधूरा होने से भुगतान प्रक्रिया और जियो टैगिंग की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि आवास मित्र, रोजगार सहायक, पंचायत सचिव और निगरानी से जुड़े अधिकारियों की मिलीभगत के बिना इस प्रकार की अनियमितता संभव नहीं है। उनका कहना है कि पूरे विकासखंड में निष्पक्ष जांच कराई जाए तो ऐसे कई और मामले सामने आ सकते हैं।

इस प्रकरण ने जनपद पंचायत करतला के उपाध्यक्ष मनोज झा की निरीक्षण व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नियमित निरीक्षण हो रहे थे तो अधूरे आवास को पूर्ण दर्शाकर भुगतान कैसे हो गया।

ग्रामीणों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच, दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने, गलत तरीके से जारी राशि की वसूली तथा प्रधानमंत्री आवास योजना और मनरेगा में हुई कथित अनियमितताओं पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अब सभी की नजरें 30 जुलाई को प्रस्तावित जांच और उसके निष्कर्ष पर टिकी हैं।