फर्जी लोन के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह पर पुलिस का शिकंजा, महिला कर्मचारी गिरफ्तार

न्यायालय ने भेजा न्यायिक रिमांड पर, बैंक खातों, डिजिटल साक्ष्यों और फरार आरोपियों की भूमिका की जांच तेज

कोरबा। कोरबा जिला पुलिस ने “सजग कोरबा–सतर्क कोरबा” अभियान के तहत फर्जी लोन दिलाने के नाम पर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक महिला कर्मचारी को गिरफ्तार किया है। आरोपी को न्यायालय में पेश किए जाने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। वहीं पुलिस अब गिरोह के पूरे नेटवर्क, बैंक खातों और डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच में जुटी है।

पुलिस के अनुसार चौकी सीएसईबी, थाना सिविल लाइन रामपुर में दर्ज अपराध क्रमांक 643/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) एवं 316(5) के अंतर्गत मामले की विवेचना की जा रही है।

जांच में सामने आया कि अभिवृद्धि फाइनेंशियल सर्विसेस के माध्यम से कम ब्याज दर पर लोन दिलाने का झांसा देकर लोगों से प्रोसेसिंग फीस एवं अन्य शुल्क के नाम पर रकम वसूली जाती थी। पीड़ितों से राशि बैंक खातों में जमा कराने के बाद न तो लोन उपलब्ध कराया जाता था और न ही उनकी रकम वापस की जाती थी।

विवेचना के दौरान पुलिस ने बैंक खातों के लेन-देन, मोबाइल नंबरों, डिजिटल साक्ष्यों और दस्तावेजों का गहन परीक्षण कर महत्वपूर्ण सबूत जुटाए। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद 14 जुलाई को महिला कर्मचारी को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

पुलिस ने बताया कि मामले में शामिल फरार आरोपियों की तलाश लगातार जारी है। साथ ही बैंक खातों में हुए लेन-देन, डिजिटल उपकरणों और दस्तावेजों का तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है, ताकि ठगी की राशि के प्रवाह और गिरोह के पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।

कोरबा पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और जांच आगे बढ़ने के साथ इस संगठित ठगी गिरोह से जुड़े कई अन्य अहम खुलासे होने की संभावना है।