सीएसईबी कॉलोनी के रहवासियों का आर-पार की लड़ाई का ऐलान, 15 मिनट जलापूर्ति और दूषित पानी से फूटा गुस्सा

दूषित पानी, गंदगी और बंद स्ट्रीट लाइट से परेशान रहवासी; छह माह से शिकायतों के बावजूद नहीं हुआ समाधान, पार्षद की पहल भी बेअसर

कोरबा। सीएसईबी कॉलोनी के ब्लॉक क्रमांक-14 स्थित शासकीय आवासों में रहने वाले कर्मचारियों और उनके परिवारों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है। पिछले छह माह से लगातार शिकायतें और पत्राचार करने के बावजूद पेयजल, सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाओं में सुधार नहीं होने से नाराज कर्मचारियों ने विभाग के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस बार भी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।

रहवासियों का आरोप है कि पिछले तीन महीनों से कॉलोनी में प्रतिदिन केवल 15 मिनट जलापूर्ति हो रही है। नलों से आने वाला पानी गंदा और दूषित है, जिससे परिवारों को पीने के पानी के साथ-साथ दैनिक कार्यों में भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में स्थिति और गंभीर हो गई है तथा बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है।

छह महीने से शिकायत, लेकिन नहीं हुई सुनवाई
कर्मचारियों का कहना है कि छह महीने पहले सहायक अभियंता, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल को लिखित शिकायत देकर स्वच्छ पेयजल, नियमित जलापूर्ति और अन्य सुविधाओं की मांग की गई थी। इसके बाद भी कई बार आवेदन और पत्र दिए गए, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने न तो स्थायी समाधान किया और न ही प्रभावी कार्रवाई की। लगातार अनदेखी से कर्मचारियों में गहरा आक्रोश है।

गंदगी और अंधेरे से बढ़ी परेशानी
कॉलोनी में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं। झाड़ियां बढ़ने से सांप-बिच्छुओं का खतरा बना हुआ है। डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण नियमित नहीं हो रहा, जबकि शुल्क लगातार लिया जा रहा है। कई स्थानों पर स्ट्रीट लाइटें बंद होने से रात के समय लोगों को असुरक्षा और आवागमन में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।

पार्षद की पहल भी नहीं आई काम
स्थानीय पार्षद राकेश वर्मा ने कई बार विभागीय अधिकारियों को पत्र लिखकर, व्यक्तिगत मुलाकात कर और कॉलोनीवासियों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाकर समाधान की मांग की, लेकिन अब तक स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। कर्मचारियों का कहना है कि जब जनप्रतिनिधि की लगातार पहल भी अनसुनी कर दी जाए, तो विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है।

रहवासियों ने स्वच्छ पेयजल, नियमित जलापूर्ति, कॉलोनी की समुचित सफाई, नियमित कचरा उठाव, बंद स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत तथा लापरवाह अधिकारियों एवं संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।

उनका कहना है कि यदि इस बार भी उनकी मांगों पर अमल नहीं हुआ तो कॉलोनी के सभी कर्मचारी और उनके परिवार एकजुट होकर उग्र आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।