वैज्ञानिक पद्धति से करें अरहर की खेती, पौधों के बीच उचित दूरी से बढ़ेगा उत्पादन

किसानों को कृषि विभाग ने दिए तकनीकी सुझाव, अंतरवर्ती फसल अपनाने पर जोर

कोरबा।जिले में किसानों की आय बढ़ाने और कृषि उत्पादन में सुधार के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा किसानों को वैज्ञानिक खेती के लिए लगातार तकनीकी मार्गदर्शन दिया जा रहा है। अरहर की बढ़ती बाजार मांग और बेहतर मुनाफे को देखते हुए विभाग किसानों को उन्नत खेती की तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है।

विकासखंड पाली के मादन एवं आसपास के क्षेत्रों में कृषि विभाग की टीम ने खेतों का निरीक्षण कर किसानों से संवाद किया।

इस दौरान उपसंचालक कृषि देवेंद्र पाल सिंह ने किसानों को अरहर की वैज्ञानिक खेती के बारे में जानकारी देते हुए पौधों के बीच पर्याप्त दूरी बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि उचित दूरी रखने से पौधों का बेहतर विकास होता है, रोगों का खतरा कम रहता है और उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होती है।

उन्होंने किसानों से उन्नत बीज, वैज्ञानिक तकनीकों और अंतरवर्ती फसल प्रणाली को अपनाने का आग्रह किया, ताकि कम लागत में अधिक उत्पादन और बेहतर आर्थिक लाभ प्राप्त किया जा सके।

उपसंचालक ने कहा कि खरीफ और रबी फसलों के साथ-साथ अरहर जैसी नगदी फसलों की खेती को बढ़ावा देने से किसानों की आय में वृद्धि होगी और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत बनेगी। कृषि विभाग किसानों को समय-समय पर तकनीकी सलाह और आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराता रहेगा।