जलभराव वाले क्षेत्रों में युद्धस्तर पर करना होगा राहत-बचाव के कार्य

आयुक्त ने मैदानी अमले को किया निर्देशित

कोरबा। लगातार बारिश और संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए नगर निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने सभी जोन कमिश्नरों एवं मैदानी अधिकारियों-कर्मचारियों को जलभराव वाले क्षेत्रों में युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आपदा की स्थिति में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी का मोबाइल फोन रात के समय बंद नहीं होना चाहिए, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल संपर्क किया जा सके।

आयुक्त ने निर्देश दिए कि निगम क्षेत्र की निचली बस्तियों एवं जलभराव संभावित वार्डों पर विशेष निगरानी रखी जाए।

जहां भी जलभराव की स्थिति बने, वहां मोटर पंप और उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से तत्काल पानी निकासी की व्यवस्था की जाए। यदि किसी क्षेत्र में घरों तक पानी पहुंचता है तो प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर राहत उपलब्ध कराई जाए।

संभावित बाढ़ को देखते हुए नगर निगम ने शहर के विभिन्न स्कूलों और सार्वजनिक भवनों को सेल्टर सेंटर के रूप में चिन्हित किया है। इनमें सीतामणी, मिशन रोड, रानी गेट, लालघाट, अंबेडकर स्कूल, जोगियाडेरा, कबीर भवन, सुमेधा स्कूल, एसईसीएल स्कूल तथा प्रेमनगर स्कूल शामिल हैं।

आवश्यकता पड़ने पर प्रियदर्शिनी इंदिरा स्टेडियम को मुख्य राहत केंद्र के रूप में उपयोग किया जाएगा।

आयुक्त ने संबंधित जोन के सहायक अभियंताओं को सभी राहत केंद्रों में बिजली, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाएं सुचारु रखने के निर्देश दिए हैं। वहीं राहत शिविरों में ठहराए जाने वाले लोगों के भोजन की व्यवस्था औद्योगिक प्रतिष्ठानों और सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से की जाएगी। इस कार्य की जिम्मेदारी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय तिवारी को सौंपी गई है।

नगर निगम प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि जलभराव की स्थिति में सतर्क रहें और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल निगम के नियंत्रण कक्ष अथवा संबंधित अधिकारियों को दें।