पिकअप हादसे के बाद भी नहीं बदली तस्वीर, फिटनेस जांच और परिवहन नियमों के पालन पर उठे सवाल
कोरबा। जिले में हाल ही में मजदूरों से भरी पिकअप वाहन के पलटने से चार महिला मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गईं, जबकि सात अन्य को मामूली चोटें आईं। इस हादसे के बावजूद मालवाहक वाहनों में मजदूरों को ढोने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ऐसे में परिवहन नियमों के पालन और वाहनों की फिटनेस जांच को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
बताया जा रहा है कि हादसे के बाद घायल मजदूरों को ग्रामीणों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने वैधानिक कार्रवाई शुरू कर चालक की तलाश तेज कर दी है। हालांकि, इस घटना के बाद भी जिले में खुलेआम पिकअप और अन्य मालवाहक वाहनों में मजदूरों का परिवहन जारी है।
यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी जिले में मालवाहक वाहनों से जुड़े कई सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमें लोगों की जान जा चुकी है या कई लोग घायल हुए हैं। इसके बावजूद वाहन मालिक और चालक सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर रहे हैं।
शहर, उपनगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिदिन सुबह-शाम मजदूरों से भरी पिकअप गाड़ियां औद्योगिक संयंत्रों और निर्माण स्थलों तक पहुंचती दिखाई देती हैं। इनमें से कई वाहन तकनीकी रूप से जर्जर स्थिति में हैं। कई वाहनों में सुरक्षा मानकों के अनुरूप रिफ्लेक्टर, चेतावनी संकेत और अन्य आवश्यक उपकरण तक मौजूद नहीं हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जांच अभियान के दौरान ऐसे वाहनों पर केवल औपचारिक कार्रवाई की जाती है, जिससे नियमों का उल्लंघन करने वालों में डर नहीं है। उन्होंने मांग की है कि मालवाहक वाहनों में सवारी ढोने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और सभी वाहनों की नियमित फिटनेस जांच सुनिश्चित की जाए।
नागरिकों ने स्कूल और कॉलेजों में बच्चों को लाने-ले जाने वाले वाहनों की फिटनेस जांच पर भी विशेष ध्यान देने की मांग की है।
उनका कहना है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है।
Editor – Niraj Jaiswal
Mobile – 9754876042
Email – urjadhaninewskorba@gmail.com
Address – Press Complex, T.P. Nagar, Korba C.G. 495677

