बारिश में फिर डूबी सड़कें, निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल; आखिर करोड़ों की इंजीनियरिंग किस काम की?

शहर से गांव तक जलभराव से जनजीवन प्रभावित, कई सड़कें बनी तालाब तो कहीं हाईवे बना नदी

निकासी व्यवस्था, निर्माण गुणवत्ता और जवाबदेही पर उठे गंभीर सवाल

कोरबा। मानसून की शुरुआत के साथ ही कोरबा जिले में जलभराव और सड़क धंसने की समस्याएं एक बार फिर सामने आ गई हैं। शहर हो या गांव, कई स्थानों पर सड़कें तालाब का रूप ले चुकी हैं। जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से बारिश का पानी सड़कों से होते हुए घरों और दुकानों तक पहुंच रहा है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

जिले में हर वर्ष पहली ही तेज बारिश के साथ सड़कें जलमग्न हो जाती हैं। कहीं डामर सड़कें पानी में उखड़ने लगती हैं, कहीं सीसी रोड पर घंटों पानी जमा रहता है तो कहीं फोरलेन सड़कें नदी जैसी दिखाई देती हैं। करोड़ों रुपये खर्च कर बनाए गए सड़क, पुल और पुलिया भी बारिश की पहली परीक्षा में सवालों के घेरे में आ जाते हैं। हाल के दिनों में सड़क धंसने और पुलिया क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं भी सामने आई हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति और अधिक चिंताजनक बताई जा रही है। गांवों में कई संपर्क मार्ग कीचड़ और जलभराव से प्रभावित हैं, जिससे लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। ऐसे में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और रखरखाव व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

लोग पूछ रहे हैं ये सवाल

सड़क निर्माण के दौरान जल निकासी की योजना किस आधार पर बनाई गई?

यदि डिजाइन सही था तो हर साल एक ही स्थान पर जलभराव क्यों होता है?

यदि निर्माण में कमी थी तो संबंधित ठेकेदार और अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

रखरखाव की जिम्मेदारी किसकी है और नालियों की नियमित सफाई क्यों नहीं हो रही?

जनता के टैक्स से बनी सड़कें हर बारिश में जलमग्न क्यों हो जाती हैं?

स्थानीय लोगों का कहना है कि अच्छी सड़क की पहचान उसकी चौड़ाई नहीं, बल्कि बारिश के बाद पानी की शीघ्र निकासी से होती है। यदि किसी सड़क पर 24 से 48 घंटे तक पानी जमा रहता है तो यह डिजाइन, निर्माण गुणवत्ता या रखरखाव में गंभीर कमी का संकेत है।

नागरिकों ने मांग की है कि जलभराव वाले स्थानों की तकनीकी जांच कराई जाए, निर्माण एजेंसियों और ठेकेदारों की जवाबदेही तय की जाए तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही भविष्य में सड़क निर्माण के दौरान प्रभावी जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है।