IOCL डिपो के बाहर तेल चोरी का बड़ा खेल! निगरानी करने पहुंचे पंप कर्मचारियों पर जानलेवा हमला, दो एफआईआर दर्ज

प्रतिदिन लाखों रुपये के ईंधन की चोरी का आरोप, ट्रांसपोर्टरों और तेल माफिया की मिलीभगत की आशंका; कार्रवाई पर उठे सवाल

कोरबा। औद्योगिक नगरी कोरबा के गोपालपुर स्थित इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) डिपो के बाहर कथित रूप से बड़े पैमाने पर डीजल-पेट्रोल चोरी का मामला सामने आया है। आरोप है कि डिपो से निकलने वाले टैंकरों से बीच रास्ते में ईंधन निकालकर प्रतिदिन लाखों रुपये की हेराफेरी की जा रही है। इस पूरे मामले में स्थानीय पुलिस और संबंधित एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।

जानकारी के अनुसार लगातार हो रहे नुकसान से परेशान पेट्रोल पंप संचालकों ने अपने स्तर पर निजी कर्मचारियों को टैंकरों की निगरानी के लिए तैनात किया। कर्मचारियों की जिम्मेदारी डिपो से निकलने वाले टैंकरों को सीधे संबंधित पेट्रोल पंप तक सुरक्षित पहुंचाना था। आरोप है कि इस निगरानी से कथित अवैध कारोबार प्रभावित होने पर कुछ लोगों ने कर्मचारियों पर हमला कर दिया।

बताया जा रहा है कि पिछले दो-तीन दिनों के दौरान डिपो के बाहर तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। शुक्रवार को मंदिर के पास दो अलग-अलग घटनाओं में पेट्रोल पंप के कर्मचारियों के साथ मारपीट की गई। आरोप है कि लाठी-डंडों से हमला कर उन्हें घायल किया गया तथा जान से मारने की धमकी भी दी गई।

घटना के बाद पीड़ित कर्मचारियों की शिकायत पर दर्री थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया। पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है।

हर टैंकर से हजारों रुपये के ईंधन की चोरी का आरोप
सूत्रों के अनुसार डिपो से निकलने वाले कई टैंकर निर्धारित गंतव्य तक पहुंचने से पहले रास्ते में रुकते हैं और कथित रूप से प्रत्येक टैंकर से 20 से 30 हजार रुपये मूल्य का ईंधन निकाल लिया जाता है। यदि आरोप सही हैं, तो इससे प्रतिदिन लाखों रुपये के ईंधन की हेराफेरी होने की आशंका जताई जा रही है।

जांच और सख्त कार्रवाई की मांग
घटना के बाद पेट्रोल पंप संचालकों और कर्मचारियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर कथित तेल चोरी के नेटवर्क का पर्दाफाश करने तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही डिपो परिसर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था एवं नियमित पुलिस गश्त बढ़ाने की भी मांग उठाई गई है।