वेदांता स्किल स्कूल से 13 हजार से अधिक युवा बने आत्मनिर्भर, उद्योगों में मिला रोजगार

बालको की कौशल विकास पहल से ग्रामीण और जनजातीय युवाओं को मिली नई पहचान, रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़े

बालकोनगर। भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) द्वारा संचालित वेदांता स्किल स्कूल ग्रामीण एवं जनजातीय युवाओं को उद्योगोन्मुख कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बन रहा है। कोरबा, सरगुजा और कवर्धा में संचालित प्रशिक्षण केंद्रों से अब तक 13 हजार से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित कर आत्मनिर्भर बनाया जा चुका है।

राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित इन आवासीय प्रशिक्षण केंद्रों में युवाओं को पूरी तरह नि:शुल्क व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाता है।

यहां वेल्डर,फिटर,हॉस्पिटैलिटी,सिलाई मशीन ऑपरेटर, सोलर पीवी तकनीशियन,मोबाइल रिपेयरिंग और इलेक्ट्रीशियन सहित सात प्रमुख ट्रेडों में प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाता है। वित्त वर्ष 2026 में 1,202 युवाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ा गया।

प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को फॉक्सकॉन, वेलस्पन, क्रॉम्पटन ग्रीव्स, अडानी, वोल्वो आइशर, बारबेक्यू नेशन और टाटा मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों में रोजगार मिला है।

प्रशिक्षण से लाभान्वित निशा यादव, वंदना निराला और विनोद कुम्हार ने बताया कि वेदांता स्किल स्कूल ने उन्हें तकनीकी दक्षता, आत्मविश्वास और बेहतर रोजगार के अवसर प्रदान किए, जिससे वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के साथ अपने परिवार की जिम्मेदारियां भी निभा पा रहे हैं।

तकनीकी प्रशिक्षण के साथ-साथ युवाओं के व्यक्तित्व विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। इसके लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित मॉड्यूल, औद्योगिक भ्रमण, उद्योग विशेषज्ञों से संवाद, सुरक्षा प्रशिक्षण, कर्मचारी स्वयंसेवकों की मेंटरशिप और एलुमनाई इंटरैक्शन जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

बालको का कहना है कि कौशल विकास सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन का मजबूत आधार है। कंपनी भविष्य में भी उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप युवाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ते हुए आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाती रहेगी।