कोयला खदानों में नहीं थम रही डीजल चोरी, दो दिन में 60-60 लीटर डीजल चोरी के दो मामले दर्ज

ट्रेलर और एसईसीएल मशीनों को बना रहे निशाना, सीआईएसएफ और कर्मचारियों की सतर्कता से आरोपी पकड़ाए,डीजल चोरी के संगठित नेटवर्क पर फिर उठे सवाल

कोरबा। एसईसीएल की गेवरा एवं आसपास की कोयला खदानों में डीजल चोरी का अवैध कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में पुलिस द्वारा डीजल चोरी के बड़े गिरोह के सरगनाओं पर कार्रवाई के बावजूद चोरी की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। दीपका थाना क्षेत्र में महज दो दिनों के भीतर डीजल चोरी के दो अलग-अलग प्रकरण दर्ज होने से सुरक्षा व्यवस्था और गिरोह की सक्रियता पर फिर सवाल खड़े हो गए हैं।

ट्रेलर से 60 लीटर डीजल निकालते पकड़े गए आरोपी
पहला मामला 26 जून की रात का है। एएसआर ट्रांसपोर्ट कंपनी के संचालक सुभाष जायसवाल ने दीपका थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनका ट्रेलर गेवरा खदान के 7 नंबर बैरियर के सामने पार्किंग में खड़ा था। देर रात ट्रेलर से डीजल निकाल रहे दो व्यक्तियों को मुंशी रमेश कुमार, अंजनी कुमार और ललित टेकाम ने रंगे हाथ पकड़ लिया।

आरोपियों के कब्जे से 35-35 लीटर क्षमता के दो डिब्बों में भरा करीब 60 लीटर डीजल और एक प्लास्टिक पाइप बरामद किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम भीम सिंह और महेश मिरी बताए। हालांकि थाना ले जाते समय महेश मिरी फरार हो गया, जबकि भीम सिंह को पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

सीआईएसएफ ने डोजर से डीजल चोरी करते दो लोगों को दबोचा

दूसरा मामला 28-29 जून की दरम्यानी रात का है। एसईसीएल गेवरा परियोजना के सुरक्षा प्रभारी धनाराम सूर्यवंशी की रिपोर्ट के अनुसार, सीआईएसएफ की क्विक रिस्पांस टीम गणेश डंपिंग क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान जवानों ने एक संदिग्ध वाहन को डोजर के पास खड़ा देखा।

जांच के दौरान डोजर के पास मौजूद दो व्यक्तियों को पकड़ लिया गया। पूछताछ में उनकी पहचान कमल सिंह और ओम प्रकाश के रूप में हुई। तलाशी में उनके कब्जे से करीब 60 लीटर डीजल बरामद किया गया। सीआईएसएफ ने दोनों को पकड़कर दीपका पुलिस के सुपुर्द कर दिया, जिसके बाद उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

कार्रवाई के बावजूद सक्रिय हैं डीजल चोर गिरोह
खदान क्षेत्रों में लंबे समय से ट्रेलर, हाइवा, डंपर और एसईसीएल की भारी मशीनों से डीजल चोरी की घटनाएं सामने आती रही हैं। हाल ही में पुलिस ने डीजल चोरी के नेटवर्क से जुड़े कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था, लेकिन लगातार सामने आ रही नई घटनाएं यह संकेत दे रही हैं कि गिरोह के अन्य सदस्य अब भी सक्रिय हैं।

एसईसीएल और वाहन मालिकों को हो रहा आर्थिक नुकसान

डीजल चोरी से निजी ट्रांसपोर्टरों के साथ-साथ एसईसीएल को भी भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। हालांकि हालिया दोनों मामलों में कर्मचारियों और सीआईएसएफ की सतर्कता से आरोपियों को पकड़ा गया, लेकिन खदान क्षेत्रों में सक्रिय संगठित गिरोहों पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए व्यापक अभियान और कड़ी निगरानी की आवश्यकता महसूस की जा रही है।