गेवरा में श्रमिकों का प्रदर्शन, 14 जुलाई तक मांगें नहीं मानी तो हड़ताल और खदान बंदी की चेतावनी

एडास माइनिंग कंपनी पर वेतन कटौती और भुगतान में देरी का आरोप, एसईसीएल जीएम को सौंपा ज्ञापन

कोरबा। एसईसीएल गेवरा क्षेत्र में मंगलवार को श्रमिकों का आक्रोश खुलकर सामने आया। पीएनसी कंपनी के अधीन संचालित एडास माइनिंग कंपनी के कर्मचारी, ऑपरेटर, ड्राइवर और मजदूर अपनी लंबित मांगों को लेकर एकजुट हुए और एसईसीएल गेवरा क्षेत्र के मुख्य महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र समाधान की मांग की। श्रमिकों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि 14 जुलाई 2026 तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल, खदान बंदी और गेवरा कार्यालय का घेराव करेंगे।

ज्ञापन सौंपने के दौरान छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रदेश संगठन मंत्री उमागोपाल भी मौजूद रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि एडास माइनिंग कंपनी में कार्यरत ड्राइवरों और मजदूरों को एचपीसी दर के अनुरूप भुगतान नहीं किया जा रहा है। श्रमिकों से पूरा कार्य लिया जा रहा है, लेकिन उनके वेतन में कटौती और अनियमितता लगातार बनी हुई है, जो श्रम कानूनों का उल्लंघन है।

उन्होंने कहा कि कई श्रमिकों को एक से दो माह की देरी से वेतन मिल रहा है, जिससे परिवार का भरण-पोषण, बच्चों की शिक्षा और चिकित्सा जैसी आवश्यक जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो रहा है। श्रमिक अपने अधिकार और मेहनत की कमाई मांग रहे हैं, कोई अतिरिक्त सुविधा नहीं।

ज्ञापन में श्रमिकों ने एचपीसी दर के अनुसार पूर्ण वेतन भुगतान, समय पर वेतन, ओवरटाइम का भुगतान, नियुक्ति पत्र, मासिक वेतन पर्ची, गेट पास जारी करने तथा श्रम कानूनों के तहत सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।

श्रमिकों ने कहा कि यदि निर्धारित समय सीमा तक उनकी मांगों पर लिखित और प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी स्थिति में होने वाली हड़ताल, खदान बंदी और घेराव की पूरी जिम्मेदारी कंपनी प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों की होगी।