वैशालीनगर की समस्याओं को लेकर भू-विस्थापितों ने खोला मोर्चा

मार्केट शेड में संचालित भैंस खटाल हटाने समेत 18 मांगों का ज्ञापन सीजीएम को सौंपा

कोरबा। एसईसीएल कुसमुंडा परियोजना से प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए बसाए गए वैशालीनगर बरपाली में मूलभूत सुविधाओं और अव्यवस्थाओं को लेकर ग्रामीणों ने प्रबंधन के सामने 18 सूत्रीय मांगपत्र प्रस्तुत किया है। ग्राम विकास एवं पुनर्वास समिति ने एसईसीएल के मुख्य महाप्रबंधक (सीजीएम) को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के शीघ्र निराकरण की मांग की।

समिति ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि वैशालीनगर के मार्केट शेड में भैंस खटाल संचालित होने से आसपास गंदगी फैल रही है और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसे तत्काल हटाने की मांग प्रमुखता से उठाई गई है।

ग्रामीणों ने कहा कि वैशालीनगर में आबंटित भूखंडों के अधिकार पत्र अब तक हितग्राहियों को नहीं दिए गए हैं। साथ ही माता करमा विद्यालय को अन्यत्र स्थानांतरित करने, देवस्थल परिसर में निर्मित अंबेडकर भवन को समाज के उपयोग के लिए नि:शुल्क उपलब्ध कराने तथा बसाहट क्षेत्र का सीमांकन कर अवैध कब्जों पर रोक लगाने की मांग की गई है।

मूलभूत सुविधाओं के विस्तार की मांग
समिति ने राधाकृष्ण मंदिर में बाउंड्रीवाल निर्माण, खेल मैदान के विकास, उद्यान एवं मंगल भवन की चाहरदीवारी को ऊंचा करने, बसाहट के मुख्य प्रवेश द्वार पर भव्य गेट निर्माण तथा 20 नई स्ट्रीट लाइट लगाने की मांग भी रखी है।

इसके अलावा सामुदायिक भवन को सर्वसुविधायुक्त बनाने, तालाब के सौंदर्यीकरण, स्थानीय बेरोजगार भू-विस्थापित युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने तथा वर्ष 1987 के सर्वेक्षित प्रभावित परिवारों को मुआवजा एवं पुनर्वास सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।

ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि एसईसीएल प्रबंधन उनकी वर्षों पुरानी समस्याओं का शीघ्र समाधान कर वैशालीनगर को बेहतर सुविधाओं से युक्त आदर्श पुनर्वास बसाहट के रूप में विकसित करेगा।