ग्रीन जोन पर भू-माफियाओं की नजर, पेड़ों की कटाई कर की जा रही अवैध प्लाटिंग

नगर निगम कर्मी की संलिप्तता के आरोप, जांच के बाद कार्रवाई का दावा

कोरबा। मुड़ापार स्थित अंबेडकर भवन के समीप नगर निगम के ग्रीन जोन क्षेत्र में अवैध कब्जे और प्लाटिंग का मामला सामने आया है। आरोप है कि भू-माफियाओं द्वारा कई एकड़ शासकीय भूमि पर लगे हरे-भरे पेड़ों की कटाई कर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया जा रहा है और जमीन की अवैध खरीद-बिक्री की तैयारी की जा रही है। मामले में नगर निगम के एक कर्मचारी की संलिप्तता के आरोप लगने से प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है।

स्थानीय नागरिकों के अनुसार अंबेडकर भवन से लगी यह भूमि राजस्व अभिलेखों में ग्रीन जोन के रूप में दर्ज है।

पिछले कुछ दिनों से यहां लगातार पेड़ों की कटाई की जा रही है। जमीन को समतल कर टेंट और तिरपाल लगाकर प्लाटिंग की तैयारी की जा रही है। लोगों का आरोप है कि सरकारी भूमि पर कब्जा करने के उद्देश्य से यह पूरा खेल सुनियोजित तरीके से संचालित किया जा रहा है।

ग्रामीणों और स्थानीय निवासियों ने नगर निगम के एक कर्मचारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उसने स्वयं भी इसी शासकीय भूमि पर मकान का निर्माण कर लिया है।

उनका आरोप है कि शिकायत मिलने पर निगम की जेसीबी टीम मौके पर पहुंची, लेकिन अन्य निर्माणों पर कार्रवाई की गई जबकि संबंधित कर्मचारी के निर्माण को नजरअंदाज कर दिया गया। इससे प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि निगम द्वारा कार्रवाई का दावा किए जाने के बावजूद मौके पर जमीन की नपाई और पेड़ों की कटाई का सिलसिला पूरी तरह नहीं रुका है। इससे अवैध कब्जे और प्लाटिंग के नेटवर्क के सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही है।

मामले पर नगर निगम के जोन कमिश्नर पवन वर्मा ने कहा कि शिकायत प्राप्त होते ही निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर प्रारंभिक कार्रवाई की है तथा संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि निगम कर्मचारी की संलिप्तता संबंधी आरोपों की विभागीय जांच कराई जाएगी। यदि जांच में आरोप सही पाए गए तो संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से ग्रीन जोन की भूमि को अतिक्रमण और अवैध प्लाटिंग से मुक्त कराने तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए कठोर कदम उठाने की मांग की है।