किसान क्रेडिट कार्ड योजना से किसानों को मिल रहा आर्थिक संबल, कोरबा में 55 हजार से अधिक किसान लाभान्वित

कोरबा। किसानों को खेती-किसानी और कृषि आधारित गतिविधियों के लिए समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना कोरबा जिले में किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। छत्तीसगढ़ शासन की किसान हितैषी नीतियों के तहत जिले में 60 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के माध्यम से 55 हजार 841 किसान क्रेडिट कार्ड धारकों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

कृषि विभाग के अनुसार किसानों को खरीफ और रबी फसलों के लिए उन्नत बीज, खाद और नगद ऋण समय पर उपलब्ध कराया जा रहा है। योजना का दायरा अब केवल खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि पशुपालन, मत्स्य पालन और उद्यानिकी गतिविधियों को भी इसमें शामिल किया गया है। डेयरी, बकरी पालन, कुक्कुट पालन और मत्स्य व्यवसाय से जुड़े हितग्राहियों को भी कार्यशील पूंजी के लिए केसीसी का लाभ दिया जा रहा है।

उप संचालक कृषि डी.पी.एस. कंवर ने बताया कि किसान क्रेडिट कार्ड के तहत ऋण सीमा किसान की भूमि, फसल लागत और आवश्यकताओं के आधार पर तय की जाती है। इसके माध्यम से किसानों को अल्पकालीन फसल ऋण के साथ कृषि उपकरण, सिंचाई और भूमि विकास जैसे कार्यों के लिए निवेश ऋण भी उपलब्ध कराया जाता है।

खरीफ वर्ष 2026 में अब तक जिले के 5312 पंजीकृत किसानों को 2871.57 लाख रुपये का ऋण वितरित किया जा चुका है। इसमें 2863.91 लाख रुपये नगद तथा 7.66 लाख रुपये खाद ऋण के रूप में शामिल हैं। वहीं 354 नए किसानों को भी 213.61 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया है।

कृषि विभाग ने जिले के सभी पात्र कृषकों, पशुपालकों और मछली पालकों से अपील की है कि वे अपने निकटतम सहकारी समिति या बैंक शाखा में संपर्क कर किसान क्रेडिट कार्ड बनवाएं और शासन की शून्य प्रतिशत ब्याज ऋण योजना का अधिकतम लाभ उठाएं।