ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में बंद रहीं दवा दुकानें, केमिस्ट संघ ने जताई नाराजगी

एआई आधारित प्रिस्क्रिप्शन और ऑनलाइन मेडिसिन सप्लाई के खिलाफ जिले भर में प्रदर्शन

कोरबा।आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डॉक्टर प्रिस्क्रिप्शन और ऑनलाइन दवा बिक्री व्यवस्था के विरोध में बुधवार को कोरबा जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों की दवा दुकानें बंद रहीं। छत्तीसगढ़ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर जिला औषधि विक्रेता संघ ने इस बंद को समर्थन दिया।

जिला औषधि विक्रेता संघ के अध्यक्ष उमेश सिरोठिया ने बताया कि ऑनलाइन फार्मेसी और एआई आधारित प्रिस्क्रिप्शन व्यवस्था से दवा व्यवसाय में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। उनका कहना है कि इस प्रणाली से दवाओं के दुरुपयोग और प्रतिबंधित दवाओं की अवैध बिक्री की आशंका बढ़ गई है।

उन्होंने कहा कि पारंपरिक मेडिकल स्टोर खोलने के लिए कई कानूनी प्रक्रियाओं और योग्य फार्मासिस्ट की आवश्यकता होती है, जबकि ऑनलाइन फार्मेसी में इन नियमों का सही तरीके से पालन नहीं हो रहा है। कई मामलों में बिना वैध डॉक्टर प्रिस्क्रिप्शन के ही दवाओं की आपूर्ति की जा रही है, जो गंभीर चिंता का विषय है।

संघ का आरोप है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपभोक्ता द्वारा दी गई जानकारी को ही सत्य मान लिया जाता है, जिससे नियमों और मरीजों की सुरक्षा दोनों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने मांग की कि एनडीपीएस और अन्य प्रतिबंधित दवाओं की ऑनलाइन बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाई जाए।

जिलेभर में दवा दुकानें बंद रहने के कारण आम लोगों को परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासन ने जन औषधि केंद्रों को खुला रखने के साथ सरकारी अस्पतालों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की थी।

केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आगामी दिनों में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।