मजदूरों की रिहाई और लेबर कोड रद्द करने की मांग को लेकर प्रदर्शन

कोरबा। संयुक्त केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच के आह्वान पर मंगलवार को देशव्यापी एकजुटता एवं मांग दिवस मनाया गया। एटक सहित विभिन्न मजदूर संगठनों ने कोरबा के घंटाघर चौक स्थित बाबा साहब की प्रतिमा के सामने धरना प्रदर्शन कर श्रमिकों की मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की।

कार्यक्रम में संयुक्त कोयला मजदूर संघ एटक के गेवरा, दीपका, कुसमुंडा और कोरबा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं के साथ बालको एटक यूनियन के सदस्य भी शामिल हुए। धरना प्रदर्शन के दौरान उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा तथा हरियाणा के गुड़गांव, फरीदाबाद और मानेसर में आंदोलनरत मजदूरों पर दमनात्मक कार्रवाई का विरोध किया गया।

सभा को संबोधित करते हुए एटक के राज्य महासचिव हरिनाथ सिंह ने कहा कि मजदूरों की मांगों को स्वीकार करने के बजाय सरकारें कॉर्पोरेट घरानों के दबाव में दमन और उत्पीड़न का रास्ता अपना रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सैकड़ों मजदूरों और नेताओं को जेल भेजा गया तथा उन पर मुकदमे दर्ज किए गए, जो अलोकतांत्रिक और अमानवीय है।

धरना को कोरबा क्षेत्र से दीपेश मिश्रा, गेवरा क्षेत्र से राठौर, दीपका क्षेत्र से दीपक उपाध्याय तथा बालको एटक से सुनील सिंह ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन धर्मेंद्र तिवारी ने किया।

मजदूर संगठनों ने न्यूनतम मजदूरी 26 हजार रुपये करने, ठेका प्रथा समाप्त करने, ठेका श्रमिकों को नियमित करने, महिलाओं पर अत्याचार रोकने तथा चार लेबर कोड वापस लेने की मांग उठाई। इसके साथ ही गिरफ्तार मजदूर नेताओं और श्रमिकों की तत्काल रिहाई एवं दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग भी की गई।