रिश्वत मामले में निगम के दो इंजीनियर बरी, कोर्ट ने दिया संदेह का लाभ

कोरबा। नगर निगम दर्री जोन में पदस्थ दो इंजीनियरों को रिश्वतखोरी के मामले में अदालत ने दोषमुक्त कर दिया है।

एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने वर्ष 2025 में कार्रवाई करते हुए सहायक अभियंता डी.सी. सोनकर और सब इंजीनियर देवेंद्र स्वर्णकार को 35 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए पकड़ा था।

मामला वार्ड क्रमांक 15 ढोढ़ीपारा निवासी ठेकेदार मनक साहू की शिकायत से जुड़ा था। आरोप था कि निर्माण कार्यों के अंतिम भुगतान के लिए इंजीनियरों द्वारा 2 प्रतिशत कमीशन की मांग की गई थी। पहले 42 हजार रुपये मांगे गए, जिसे बाद में 35 हजार रुपये पर तय किया गया। 18 जून 2025 को एसीबी ने कार्रवाई करते हुए दोनों को रंगे हाथों पकड़ा था।

मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने साक्ष्यों को अपर्याप्त मानते हुए दोनों आरोपियों को संदेह का लाभ दिया और दोषमुक्त कर दिया।

इस फैसले के बाद एसीबी की उस कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं, जिसे उस समय बड़ी सफलता के रूप में देखा गया था। माना जा रहा है कि कमजोर विवेचना और ठोस साक्ष्यों के अभाव में अभियोजन पक्ष अपना मामला साबित नहीं कर सका, जिसके चलते आरोपियों को राहत मिल गई।