डीएफओ निशांत ने कहा पिछले साल से आधे मामले, सैटेलाइट से हो रही निगरानी
कोरबा।फरवरी से जून के बीच जंगलों में आग लगने की घटनाएं हर साल चुनौती बनती हैं। इस वर्ष कटघोरा वनमंडल क्षेत्र में अब तक 220 स्थानों पर आग लगने के मामले सामने आए हैं, जिन पर विभाग ने समय रहते नियंत्रण किया है। वन विभाग का दावा है कि यह संख्या पिछले साल की तुलना में लगभग आधी है।
कटघोरा वनमंडल के विभिन्न रेंजों में आगजनी की घटनाओं से वन संपदा, वन्यजीवों और पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है। हालांकि विभाग लगातार निगरानी और रोकथाम के प्रयासों में जुटा हुआ है।
वनमंडल अधिकारी कुमार निशांत ने बताया कि फरवरी से जून के पहले पखवाड़े तक इस तरह की घटनाएं अधिक होती हैं। खासकर बीच के दो-तीन महीनों में आग लगने के मामले बढ़ जाते हैं। उन्होंने कहा कि लघु वनोपज संग्रहण और अतिक्रमण की मानसिकता ऐसी घटनाओं के प्रमुख कारण हैं।
उन्होंने बताया कि सैटेलाइट प्रणाली के माध्यम से जंगलों की लगातार निगरानी की जा रही है। मैदानी अमले को अलर्ट रखा गया है, जो सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर पहुंचकर आग पर नियंत्रण करता है। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में जनजागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।
डीएफओ ने बताया कि पिछले वर्ष जंगलों में आग लगने के 450 से अधिक मामले सामने आए थे, जबकि इस वर्ष अब तक 220 मामले दर्ज हुए हैं। विभाग की कोशिश है कि आगजनी की घटनाओं को पिछले वर्ष की तुलना में 50 फीसदी तक सीमित रखा जाए।
Editor – Niraj Jaiswal
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