पेट्रोल पंप पर टैंकर से सीधे डीजल भरने का मामला, कलेक्टर ने दिखाई सख्ती

कोरबा। जिले के एक पेट्रोल पंप पर टैंकर से सीधे डीजल वितरण किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। इसे सुरक्षा नियमों का खुला उल्लंघन माना जा रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आया और कलेक्टर कुणाल दुदावत ने तत्काल सख्त रुख अपनाया।

जानकारी के अनुसार पेट्रोल पंप पर टैंकर को सीधे नोजल से जोड़कर डीजल भरा जा रहा था। इसकी तस्वीरें भी सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया। नियमों के तहत पेट्रोल पंपों पर टैंकर से सीधे ईंधन वितरण प्रतिबंधित है। पेट्रोलियम अधिनियम 2002 के अनुसार ईंधन आपूर्ति केवल निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया के तहत ही की जा सकती है।

सुरक्षा मानकों से समझौता नहीं : कलेक्टर
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने जिले के सभी पेट्रोल पंप संचालकों की बैठक लेकर स्पष्ट कहा कि सुरक्षा मानकों से किसी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि टैंकर से सीधे डीजल भरने पर स्थैतिक विद्युत उत्पन्न होने का खतरा रहता है, जिससे आगजनी जैसी बड़ी दुर्घटना हो सकती है।


दोबारा गलती पर लाइसेंस रद्द
कलेक्टर ने अधिकारियों को जिले के सभी पेट्रोल पंपों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि दोबारा ऐसी लापरवाही मिलने पर संबंधित पेट्रोल पंप का लाइसेंस निरस्त करने तक की कार्रवाई की जाएगी।

ईंधन और आवश्यक वस्तुओं की निगरानी के लिए टीम गठित
कलेक्टर ने बताया कि जिले में डीजल, पेट्रोल, गैस और अन्य आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता पर नजर रखने के लिए विशेष टीम बनाई गई है। उन्होंने कहा कि जिले में पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है और आपूर्ति नियमित रूप से जारी है। फरवरी से अब तक डीजल की दैनिक खपत 270 किलो लीटर से बढ़कर लगभग 293 किलो लीटर हो गई है।

अफवाहों से बचने की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत के अनुसार ही ईंधन खरीदें।