पदोन्नति नहीं देने पर सीएसईबी के आरक्षित अधिकारी-कर्मचारी नाराज, 17 अप्रैल को सामूहिक इस्तीफा देंगे

कोरबा।छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल (CSEB) में अच्छी सैलरी पैकेज पर काम करने वाले आरक्षित (SC/ST/OBC) अधिकारी और कर्मचारियों में गहरा असंतोष फैल गया है। पदोन्नति न मिलने के कारण बड़ी संख्या में कर्मचारी सामूहिक इस्तीफा देने की तैयारी कर रहे हैं।

कर्मचारी संगठन के सचिव प्रवीण भगत ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की कि 17 अप्रैल 2026 को सामूहिक इस्तीफा दिया जाएगा।

प्रवीण भगत ने बताया कि पदोन्नति का मुद्दा लंबे समय से अटका पड़ा है। सुप्रीम कोर्ट के 2023 और फरवरी 2025 के अंतरिम आदेश की गलत व्याख्या कर आरक्षित कर्मचारियों को पदोन्नति नहीं दी जा रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि हमारी नाराजगी सरकार से नहीं, बल्कि विद्युत कंपनी के अधिकारियों की उपेक्षा पूर्ण बर्ताव से है।

संगठन ने 13 अप्रैल से 17 अप्रैल तक सभी क्षेत्रीय कार्यालयों में गेट मीटिंग करने के बाद सामूहिक इस्तीफा देने का फैसला लिया है। इसके बाद आगे भी बड़े प्रदर्शन की तैयारी चल रही है।

आरक्षित कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों की संख्या कम होने के बावजूद उन्हें अतिरिक्त काम करना पड़ रहा है, लेकिन ओवरटाइम नहीं दिया जा रहा है। सुरक्षा सैनिकों को जोखिम भत्ता भी नहीं मिल रहा है।

संगठन ने मांग की है कि विद्युत कंपनी में काम करने वाले अधिकारी, कर्मचारी और ठेका श्रमिकों के लिए व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE) उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही कुछ व्यक्तिगत मामलों जैसे प्रमोद कुमार अधीक्षण अभियंता (सिविल ट्रांसमिशन) की डिग्री को सेवा पुस्तिका में दर्ज करने की मांग भी की गई है।

आरक्षित वर्ग के कर्मचारी संघ ने स्टेट ट्रांसमिशन, जनरेशन और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के अध्यक्ष को इस पूरे मामले से अवगत करा दिया है।

यदि 17 अप्रैल तक मांगें नहीं मानी गईं तो CSEB में बड़े पैमाने पर इस्तीफों की लहर आ सकती है, जिसका सीधा असर बिजली उत्पादन और वितरण पर पड़ सकता है।