घर बैठे मिल रही परिवहन सेवाएं: “तुंहर सरकार तुंहर द्वार” योजना से आसान हुई राह, 2025-26 में 26,320 लाइसेंस बने

कोरबा। छत्तीसगढ़ शासन की लोकप्रिय योजना “तुंहर सरकार तुंहर द्वार” के अंतर्गत परिवहन विभाग द्वारा दी जा रही घर पहुँच सेवाओं ने नागरिकों के जीवन को काफी सुगम और सरल बना दिया है। अब स्मार्ट कार्ड आधारित ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र (आरसी) सीधे आवेदकों के घर के पते पर पहुंचाए जा रहे हैं।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति दिलाना और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करना है। योजना के क्रियान्वयन से परिवहन प्रणाली में सुधार के साथ-साथ नियमों के प्रति जागरूकता भी बढ़ी है। वाहन स्वामियों को अब आवश्यक दस्तावेजों के परीक्षण के बाद बिना किसी परेशानी के घर बैठे ही उनके महत्वपूर्ण दस्तावेज प्राप्त हो रहे हैं। यह सेवा सुरक्षित और सीमित गति से वाहन चलाने तथा पर्यावरण नियमों के अनुपालन के प्रति भी नागरिकों को प्रोत्साहित कर रही है।

परिवहन अधिकारी विवेक सिन्हा ने बताया कि कोरबा जिले में इस योजना के सफल संचालन के परिणाम आंकड़ों में साफ दिखाई दे रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल 52,076 दस्तावेजों का वितरण किया गया था, जिसमें 27,253 पंजीकरण प्रमाणपत्र और 24,823 ड्राइविंग लाइसेंस शामिल थे। वहीं, वित्तीय वर्ष 2025-26 में सेवाओं की गति और बढ़ी है। इस वर्ष अब तक कुल 58,850 दस्तावेज वितरित किए जा चुके हैं, जिनमें 32,530 पंजीकरण प्रमाणपत्र और 26,320 ड्राइविंग लाइसेंस शामिल हैं।

जिला परिवहन अधिकारी कोरबा के मार्गदर्शन में बढ़ते ये आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि “तुंहर सरकार तुंहर द्वार” योजना जनता के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है और परिवहन सेवाओं तक पहुँच को अधिक सुगम बना रही है।