मेडिकल कॉलेज में एक साल से अधूरा आर्थो हब, लिफ्ट ठीक होने के बाद भी नहीं हुई शुरू, मरीजों को भारी परेशानी

कोरबा। कोरबा जिले के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक साल पहले प्रस्तावित आर्थो हब अब तक शुरू नहीं हो सका है। आरोप है कि लिफ्ट सुधार कार्य पूरा होने और ट्रायल सफल होने के बावजूद अस्पताल प्रबंधन की सुस्ती के कारण यह महत्वपूर्ण सुविधा अभी भी इंतजार में है, जिससे हड्डी रोग के मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

ट्रामा सेंटर के ऊपरी तल पर पहले से ही ऑपरेशन थिएटर का सेटअप मौजूद है। इसी आधार पर एक वर्ष पहले आर्थोपेडिक विभाग को वहां शिफ्ट कर “आर्थो हब” विकसित करने की योजना बनाई गई थी। लेकिन लिफ्ट खराब होने और रैंप की खराब स्थिति के कारण मरीजों को भूतल से ऊपरी मंजिल तक ले जाना संभव नहीं था, जिससे योजना अधूरी रह गई।

स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने डीएमएफ मद से 23,36,900 रुपये की लागत से नई लिफ्ट लगाने की स्वीकृति दी। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने कार्य पूरा कर लिया है और पिछले तीन महीनों से लिफ्ट सुचारू रूप से संचालित है। इसके बावजूद आर्थो हब शुरू करने में देरी हो रही है।

बताया जा रहा है कि अस्पताल प्रबंधन ने आर्थो हब के लिए आवश्यक तैयारियां लिफ्ट सुधार तक रोक दी थीं। अब लिफ्ट शुरू होने के बाद दोबारा उपकरणों की खरीदी और इंस्टॉलेशन की प्रक्रिया शुरू की गई है, जिससे सुविधा शुरू होने में और समय लग सकता है।

मरीजों को झेलनी पड़ रही लंबी वेटिंग
आर्थो हब के अभाव में हड्डी रोग के ऑपरेशन फिलहाल कॉमन ऑपरेशन थिएटर में किए जा रहे हैं। यहां मरीजों को 5 से 7 दिन तक इंतजार करना पड़ता है, जबकि छुट्टियों के दौरान यह अवधि 10 दिन तक पहुंच जाती है। ऑपरेशन और जांच के लिए मरीजों को ट्रामा सेंटर और पुराने भवन के बीच बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं। आर्थोपेडिक विभाग में प्रतिदिन 50 से अधिक मरीज पहुंचते हैं, जिनमें 2 से 3 मामलों में ऑपरेशन की आवश्यकता होती है। इमरजेंसी को छोड़कर अन्य ऑपरेशन सप्ताह में केवल दो दिन ही हो पाते हैं, जिससे वेटिंग बढ़ जाती है।

एक ही छत के नीचे मिलती सुविधा
माना जा रहा है कि यदि ट्रामा सेंटर के दूसरे तल पर आर्थो हब शुरू हो जाए, तो मरीजों को वार्ड, जांच और ऑपरेशन की सभी सुविधाएं एक ही स्थान पर मिल सकेंगी। साथ ही दो ऑपरेशन थिएटर होने से रोजाना ऑपरेशन संभव होगा और वेटिंग की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी।

मेडिकल कॉलेज अस्पताल के संयुक्त संचालक सह अधीक्षक डॉ. गोपाल कंवर ने बताया कि आर्थो हब के लिए आवश्यक उपकरणों की खरीदी प्रक्रिया जारी है। ओटी में उपकरणों के इंस्टॉलेशन के बाद जल्द ही सुविधा शुरू कर दी जाएगी।