तौलीपाली में कोल ब्लॉक नीलामी के विरोध में हजारों ग्रामीणों का उग्र प्रदर्शन, उरगा-हाटी मार्ग घंटों जाम

ग्राम सभा की अनुमति के बिना जमीन न देने का ऐलान, प्रशासन के लिखित आश्वासन के बाद देर शाम समाप्त हुआ चक्काजाम

कोरबा।कोरबा जिले के वनांचल क्षेत्र तौलीपाली में प्रस्तावित कोल ब्लॉक नीलामी के विरोध में शनिवार को हजारों ग्रामीणों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। ग्रामीणों ने चचिया चौक पर सुबह से ही डेरा डालते हुए उरगा-हाटी मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। जोरदार नारेबाजी के बीच घंटों तक यातायात पूरी तरह ठप्प रहा और सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कहा कि “ग्राम सभा की अनुमति के बिना एक इंच जमीन भी नहीं देंगे।” ग्रामीणों का आरोप है कि कोल ब्लॉक नीलामी से उनकी जमीन, जंगल, जल स्रोत और परंपराएं खतरे में पड़ जाएंगी। उनका कहना है कि यह केवल खनन का मामला नहीं, बल्कि अस्तित्व और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का प्रश्न है।

ग्रामीणों ने कोल ब्लॉक नीलामी प्रक्रिया तत्काल निरस्त करने तथा क्षेत्र में किसी भी प्रकार के खनन और विस्थापन पर पूर्ण रोक लगाने की मांग की।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अपर कलेक्टर, एसडीएम और तहसीलदार मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों और प्रशासन के बीच लंबी चर्चा के बाद अधिकारियों ने लिखित आश्वासन दिया कि बिना ग्राम सभा के प्रस्ताव के कोई खनन या विस्थापन कार्य नहीं किया जाएगा। इसके बाद देर शाम ग्रामीणों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया।

धरना स्थल पर ग्रामीण नेता अभिमन्यु राठिया, चचिया सरपंच श्याम बरण गोपी राठिया, तौलीपाली सरपंच प्रतिनिधि महेत्तर राठिया तथा सरपंच महेंद्र राठिया ने इसे क्षेत्र की अस्मिता की लड़ाई बताया। उन्होंने चचिया, तौलीपाली, लुदुखेत, धौराभाठा, कुदमुरा, कलगामार, कटकोना और कोलगा सहित आसपास के गांवों से पहुंचे ग्रामीणों का आभार जताते हुए एकजुटता बनाए रखने का आह्वान किया।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने अपने आश्वासन का पालन नहीं किया तो आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है। तौलीपाली का यह प्रदर्शन जिले में खनन परियोजनाओं को लेकर बढ़ते असंतोष का बड़ा संकेत माना जा रहा है।