आरोपी को पकड़ने ट्रेन से जाना था, पीड़ित के पैसों से हवाई सफर का आरोप                             

बिलासपुर आईजी ने निरीक्षक समेत 8 पुलिसकर्मियों को किया निलंबित, कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप

कोरबा। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम की प्रस्तावित यात्रा को लेकर गंभीर अनियमितता का मामला सामने आया है। आरोप है कि आरोपी को पकड़ने के लिए टीम को ट्रेन से रवाना होना था, लेकिन पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर पीड़ित से जुड़े पैसों का इस्तेमाल कर हवाई यात्रा की। मामला वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचने के बाद बिलासपुर रेंज के आईजी रामगोपाल गर्ग ने सख्त कार्रवाई करते हुए निरीक्षक सहित 8 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।

निलंबन की कार्रवाई की जद में निरीक्षक मोती पटेल, उपनिरीक्षक राम पाण्डेय (प्रभारी अधिकारी), आरक्षक 747 प्रदीप राठौर (थाना कटघोरा), प्रधान आरक्षक 381 गुनाराम सिन्हा, आरक्षक 41 सुशील यादव (साइबर सेल), प्रधान आरक्षक 392 गोपाल यादव, प्रधान आरक्षक 35 राजेश कंवर तथा आरक्षक 08 प्रशांत सिंह (रक्षित केंद्र कोरबा) के नाम सामने आए हैं।

ट्रेन की जगह फ्लाइट से यात्रा पर उठे सवाल
जानकारी के अनुसार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम को ट्रेन से रवाना होना था। लेकिन आरोप है कि टीम ने निर्धारित व्यवस्था से अलग जाकर हवाई यात्रा की। सबसे गंभीर आरोप यह है कि इस यात्रा में पीड़ित से संबंधित रकम का इस्तेमाल किया गया।

मामला सामने आने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लिया। प्रारंभिक स्तर पर सामने आई अनियमितताओं को देखते हुए आईजी ने संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है।

किसकी अनुमति से हुआ खर्च?
घटना के बाद पुलिस विभाग में इस बात को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए निर्धारित यात्रा व्यवस्था में बदलाव किसके निर्देश पर किया गया। ट्रेन के बजाय फ्लाइट से जाने का निर्णय किसने लिया और हवाई यात्रा का खर्च किस मद, खाते अथवा राशि से किया गया, यह जांच का विषय है।

वहीं, यदि पीड़ित से संबंधित रकम का इस्तेमाल हुआ है तो वह रकम पुलिस टीम तक किस माध्यम से पहुंची और उसके उपयोग की अनुमति किस स्तर से मिली, इसकी भी जांच की जाएगी।

जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरी तस्वीर
निलंबन की कार्रवाई के बाद अब विभागीय जांच में पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जाएंगी। जांच में यह स्पष्ट होगा कि यात्रा का निर्णय किसने लिया, भुगतान किस माध्यम से किया गया और इस पूरी प्रक्रिया में किस-किस की भूमिका रही।

आईजी की कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप की स्थिति है। मामले की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि ट्रेन के बजाय हवाई यात्रा और पीड़ित की रकम के कथित इस्तेमाल के पीछे वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं।