बांकीमोंगरा पालिका में सियासी घमासान, सत्ता पक्ष के पार्षदों ने दी तालाबंदी की चेतावनी

वार्डों में विकास कार्यों की अनदेखी और भेदभाव का आरोप, 23 अगस्त तक कार्रवाई नहीं हुई तो 24 से पालिका घेराव

कोरबा। नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा में विकास कार्यों और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर असंतोष अब खुलकर सामने आने लगा है। खास बात यह है कि नाराजगी विपक्ष ही नहीं, बल्कि सत्ता पक्ष के पार्षदों और पीआईसी सदस्यों की ओर से भी सामने आई है। जनप्रतिनिधियों ने पालिका प्रशासन पर कुसमुंडा क्षेत्र के वार्डों की उपेक्षा और विकास कार्यों में भेदभाव का आरोप लगाते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।

पार्षद एवं पीआईसी सदस्य अमिला पटेल ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी को पत्र सौंपकर कहा है कि कुसमुंडा क्षेत्र के वार्ड क्रमांक18 से 30 तक सड़क,नाली,पेयजल, बिजली और स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत समस्याएं बनी हुई हैं।

इन समस्याओं के निराकरण के लिए बार-बार ध्यान आकर्षित कराने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया गया है।

फंड उपलब्ध, फिर भी वार्ड विकास से वंचित होने का आरोप
जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि नगर पालिका के पास पर्याप्त फंड होने के बावजूद कुसमुंडा क्षेत्र में सड़क विस्तार और अन्य जरूरी विकास कार्यों को गति नहीं दी जा रही है। नालियों के निर्माण, विस्तार और सफाई के साथ स्ट्रीट लाइट एवं बिजली संबंधी समस्याओं को भी प्राथमिकता से हल नहीं किया जा रहा है।

पत्र में आरोप लगाया गया है कि विभिन्न मदों एवं जोनल फंड की राशि से कुछ विशेष वार्डों में करोड़ों रुपये के कार्य कराए जा रहे हैं, जबकि कुसमुंडा क्षेत्र के वार्ड अपेक्षित विकास से वंचित हैं। पार्षदों ने इसे भेदभावपूर्ण रवैया बताते हुए सभी वार्डों में समान रूप से विकास कार्य कराने की मांग की है।

पानी की समस्या से लोग परेशान
कुसमुंडा क्षेत्र की पेयजल समस्या को लेकर भी जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी जताई है। पत्र के अनुसार क्षेत्र में पानी की सुविधा मुख्य रूप से टैप नल पर निर्भर है, लेकिन टंकियों में नियमित पानी नहीं होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा समस्या की जानकारी देने के बावजूद समाधान नहीं होने का आरोप लगाया गया है।

बंद पड़े यात्री प्रतीक्षालयों के नवीनीकरण की मांग
जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र के यात्री प्रतीक्षालयों की बदहाल स्थिति का भी मुद्दा उठाया है। कई प्रतीक्षालयों के बंद अथवा जर्जर होने का हवाला देते हुए उनके नवीनीकरण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई है।

इसके अलावा पीआईसी सदस्यों को विभागीय कार्यक्रमों की सूचना नहीं देने, जनप्रतिनिधियों के सुझावों की अनदेखी करने तथा उनके साथ अपेक्षित समन्वय और सम्मान नहीं रखने का आरोप भी लगाया गया है।

23 अगस्त तक पीआईसी बैठक की मांग
अमिला पटेल के साथ श्रवण यादव, दिलीप दाश, नगर पालिका उपाध्यक्ष गायत्री कंवर, प्यारे लाल दिवाकर, राहुल कैवर्त, इंद्रजीत बिंझवार, अश्वनी मिश्रा सहित पार्षद तथा देवप्रसाद, निराकार नाहक, जितेंद्र सिंह और राखी अग्रवाल सहित एल्डरमैन ने पालिका प्रशासन से तत्काल संबंधित वार्डों का निरीक्षण कराने की मांग की है।

उन्होंने 23 अगस्त 2026 तक पीआईसी की बैठक बुलाकर वार्डवार विकास कार्यों की समीक्षा और आवश्यक कार्यों को मंजूरी देने की मांग की है।

24 अगस्त से तालाबंदी आंदोलन की चेतावनी
जनप्रतिनिधियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि 23 अगस्त तक मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई तो 24 अगस्त से नगर पालिका परिषद का घेराव कर तालाबंदी आंदोलन किया जाएगा। पत्र में आंदोलन से उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों की जिम्मेदारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी एवं जिला प्रशासन की होने की बात कही गई है।

सत्ता पक्ष के पार्षदों और पीआईसी सदस्यों के इस तेवर ने बांकीमोंगरा पालिका की अंदरूनी खींचतान को सार्वजनिक कर दिया है। अब प्रशासन के सामने दो दिन में शिकायतों का निराकरण करने और जनप्रतिनिधियों को संतुष्ट करने की चुनौती है।