कोरबा में रेलवे क्रॉसिंग जाम ने लिया विकराल रूप: गर्मी में धूप में घंटों इंतजार,16 करोड़ के ओवरब्रिज सर्वे पर जनता में संदेह

कोरबा। शहर के प्रमुख रेलवे क्रॉसिंग (लेवल क्रॉसिंग) पर कोयला लोडेड मालगाड़ियों के लगातार आवागमन से जाम की समस्या अब असहनीय स्तर पर पहुंच चुकी है। सामान्य दिनों में भी लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ता है, लेकिन गर्मी के मौसम में यह परेशानी कई गुना बढ़ गई है। तेज धूप में वाहन चालक, स्कूली बच्चे, महिलाएं और राहगीर घंटों तक खड़े रहने को मजबूर हैं, जिससे स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ रहा है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस समस्या को लेकर पिछले कई वर्षों से लगातार शिकायतें, ज्ञापन और प्रदर्शन हो रहे हैं। ओवरब्रिज निर्माण के आश्वासन बार-बार मिले, लेकिन जमीनी हकीकत में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई।

अब एक बार फिर राज्य सरकार ने शहर के चार प्रमुख रेलवे क्रॉसिंग स्थानों पर रोड ओवर ब्रिज (ROB) के सर्वेक्षण और प्रस्तावित निर्माण के लिए 16 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत कर दी है। लेकिन जनता में इस घोषणा पर भरोसा कम है, क्योंकि पहले भी कई बार सर्वेक्षण के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च हो चुके हैं, फिर भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।

गर्मी शुरू होते ही रेलवे फाटक बंद होने पर वाहनों की कतारें कई किलोमीटर तक लग रही हैं। फाटक खुलने पर आगे निकलने की होड़ में ट्रैफिक पूरी तरह बेकाबू हो जाता है, जिससे दुर्घटना का खतरा भी बढ़ जाता है। ट्रैफिक पुलिस और कर्मचारियों को भीड़ संभालने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है।

नागरिकों की प्रमुख मांग है कि जब तक ओवरब्रिज जैसे स्थायी समाधान नहीं बनते, तब तक अस्थायी राहत के तौर पर रेलवे क्रॉसिंग के दोनों ओर शेड (छतरी/छाया स्थल) बनाए जाएं। इससे गर्मी में धूप और बरसात में पानी से कुछ तो राहत मिल सकेगी। फिलहाल शहरवासियों को पूरी गर्मी इसी जाम और तकलीफ से जूझना पड़ रहा है।