कोरबा ही नहीं बल्कि प्रदेशभर में स्व.केशवलाल मेहता क्रिकेट प्रतियोगिता की सुनाई देती है गूंज: गोपाल मोदी

कोरबा। प्रेस क्लब कोरबा द्वारा आयोजित स्व. केशवलाल मेहता क्रिकेट प्रतियोगिता 2026 के चतुर्थ दिवस गुरुवार को तीन रोमांचक मुकाबले खेले गए। प्रतियोगिता की गूंज अब केवल कोरबा ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में सुनाई दे रही है। भाजपा जिला अध्यक्ष गोपाल मोदी ने कहा कि स्व. केशवलाल मेहता की स्मृति में आयोजित यह प्रतियोगिता प्रदेशभर में चर्चा का विषय बन चुकी है।

पहला मुकाबला: अधिवक्ता 11 की शानदार जीत
पहले मैच में कोरबा प्रेस क्लब का सामना अधिवक्ता 11 से हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में स्टेट बार के सदस्य रविंद्र पाराशर उपस्थित रहे। कोरबा प्रेस क्लब ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 4 विकेट पर 94 रन बनाए। जवाब में अधिवक्ता 11 ने 2 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल करते हुए 8 विकेट से जीत दर्ज की।

दूसरा मुकाबला: एनटीपीसी ने 51 रन से जीता मैच
दूसरा मैच एनटीपीसी और एसईसीएल कुसमुंडा के बीच खेला गया। एनटीपीसी ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 4 विकेट पर 143 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करते हुए एसईसीएल कुसमुंडा की टीम 5 विकेट पर 92 रन ही बना सकी। इस तरह एनटीपीसी ने 51 रन से मुकाबला अपने नाम किया।

इस अवसर पर गोपाल मोदी ने स्व. केशवलाल मेहता को श्रद्धांजलि देते हुए उनके योगदान को याद किया। साथ ही प्रेस क्लब के वरिष्ठ सदस्य स्व. श्रवण साहू के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उनकी पत्रकारिता को याद किया।

अंतिम मुकाबला: कमिश्नर 11 ने दिखाई दमदार प्रदर्शन
तीसरे और अंतिम मैच में अदानी पावर और कमिश्नर 11 आमने-सामने रहे। अदानी पावर ने 9 विकेट पर 58 रन बनाए। कमिश्नर 11 ने 2 विकेट के नुकसान पर लक्ष्य हासिल कर 8 विकेट से जीत दर्ज की।

इस मैच के मुख्य अतिथि नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय एवं अपर आयुक्त विनय मिश्रा रहे। आयुक्त पांडेय ने कहा कि पिछले 22 वर्षों से निरंतर इस प्रतियोगिता का आयोजन प्रेस क्लब की दृढ़ इच्छाशक्ति और समर्पण का प्रमाण है।

शोक में सादगीपूर्ण आयोजन
प्रेस क्लब के वरिष्ठ सदस्य स्व. श्रवण साहू के निधन के कारण पूरे आयोजन में सादगी बरती गई। सभी मैच साउंड सिस्टम बंद रखकर खेले गए और उपस्थित अतिथियों ने दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की।

प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में पत्रकार,अधिवक्ता, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

अंपायरिंग आरडी महंत, बलवीर सिंह सोढ़ी, मानस और रामदास महंत ने की।