भक्ति और संस्कृति के संगम ‘पाली महोत्सव’ का भव्य समापन, मंत्री लखन लाल देवांगन ने की विकास योजनाओं की घोषणा

कोरबा।महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर आयोजित दो दिवसीय ‘पाली महोत्सव’ का भव्य समापन छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य, उद्योग, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री लखनलाल देवांगन की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक वैभव और जनउत्साह से सराबोर इस आयोजन ने क्षेत्र की समृद्ध परंपराओं और सामाजिक एकता की झलक प्रस्तुत की।

मंत्री देवांगन ने महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पाली महोत्सव कोरबा वासियों के लिए गौरव का विषय है और यह क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहा है। महोत्सव के दौरान पाली शिव मंदिर घाट में शिव आरती, गंगा आरती, श्रीराम आरती और दीपोत्सव का भव्य आयोजन हुआ। आंचलिक, प्रादेशिक एवं राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया।

विकास योजनाओं की घोषणा
समापन समारोह में मंत्री देवांगन ने पाली क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से और सुदृढ़ बनाने के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने पाली शिव मंदिर से कॉलेज तक सड़क चौड़ीकरण तथा मुख्य मार्ग से डुमरकछार शिव मंदिर तक स्ट्रीट लाइट लगाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र में सुगम आवागमन और नागरिक सुविधाओं में वृद्धि होगी।

मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों की सराहना की।

जनप्रतिनिधियों ने दी शुभकामनाएं

कार्यक्रम में सांसद ज्योत्सना चरण दास महंत ने महाशिवरात्रि के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भगवान शिव की आराधना जीवन में धैर्य और आत्मबल का संदेश देती है। उन्होंने पाली की सांस्कृतिक परंपराओं को सहेजने की आवश्यकता पर जोर दिया।

पाली-तानाखार विधायक तुलेश्वर हीरासिंह मरकाम ने पाली को धार्मिक और औद्योगिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन सामाजिक एकता को मजबूत करते हैं।

कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कहा कि पाली के प्राचीन शिव मंदिर की गरिमा और ऐतिहासिक महत्व को ध्यान में रखते हुए महोत्सव का आयोजन किया गया है। जिला प्रशासन द्वारा सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का सतत प्रयास किया जा रहा है।

समारोह में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। भक्ति, संस्कृति और विकास के संदेश के साथ पाली महोत्सव का समापन हुआ।