डीएलसीसी-डीएलआरसी बैठक में फरवरी तक जीएसएस ऋण लक्ष्य पूर्ण करने पर जोर
कोरबा। शासन की योजनाओं के तहत युवाओं को अधिक से अधिक स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से जिला स्तरीय समन्वय समिति (DLCC) एवं जिला स्तरीय समीक्षा समिति (DLRC) की तिमाही बैठक कलेक्टोरेट सभाकक्ष में कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में संपन्न हुई।
बैठक में कलेक्टर श्री दुदावत ने बैंकों को निर्देशित किया कि बेरोजगार एवं इच्छुक युवाओं द्वारा प्रस्तुत ऋण आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर परीक्षण कर अधिकतम संख्या में ऋण स्वीकृत किए जाएं, ताकि युवा आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने पीएम सूर्यघर योजना के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों पर भी शीघ्र ऋण स्वीकृति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक का संचालन लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (एलडीएम) कृष्ण भगत ने किया। इस अवसर पर जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी दिनेश कुमार नाग, अतिरिक्त कलेक्टर ओंकार यादव,डिप्टी कलेक्टर टी.आर.भारद्वाज,आरबीआई एलडीओ अविनाश कुमार टोप्पो,नाबार्ड के डीडीएम एस.के. प्रधान,महाप्रबंधक (DITC) विजय कुमार करे, डीएमएम अनुराग जैन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं सभी बैंक शाखा प्रबंधक उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने शासन प्रायोजित योजनाओं (जीएसएस) के अंतर्गत निर्धारित वार्षिक ऋण लक्ष्यों को फरवरी 2026 के अंत तक अनिवार्य रूप से पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कहा कि इससे युवाओं, किसानों एवं सूक्ष्म उद्यमियों को समय पर वित्तीय सहायता मिल सकेगी। उन्होंने जिले के आर्थिक विकास में बैंकिंग संस्थानों की भूमिका को अहम बताते हुए लक्ष्य प्राप्ति के लिए समर्पित होकर कार्य करने का आह्वान किया। सभी बैंक शाखा प्रबंधकों ने निर्धारित समय-सीमा में लक्ष्य पूर्ण करने का आश्वासन दिया।
बैठक में पीएमएसबीवाई एवं पीएमजेजेबीवाई योजनाओं के अंतर्गत लंबित दावों के त्वरित, पारदर्शी एवं संवेदनशील निपटान के निर्देश भी दिए गए, ताकि दिवंगत हितग्राहियों के परिजनों को समय पर सहायता मिल सके।
आरबीआई एलडीओ श्री टोप्पो ने आगामी फाइनेंशियल लिटरेसी वीक के प्रभावी आयोजन की जानकारी देते हुए आम नागरिकों को वित्तीय साक्षरता से जोड़ने में बैंकों की सक्रिय भूमिका पर बल दिया। वहीं नाबार्ड डीडीएम प्रधान ने कृषि एवं प्राथमिकता क्षेत्र ऋण में वृद्धि तथा किसान उत्पादक संगठनों (FPO) के गठन को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि पीएम सूर्यघर योजना के अंतर्गत अधिकतम संख्या में ऋण स्वीकृत कर समयबद्ध रूप से सभी प्रक्रियाएं पूर्ण की जाएंगी। मत्स्य पालन, उद्यानिकी एवं पशुपालन विभागों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों में केसीसी ऋण वितरण बढ़ाने का आग्रह किया।
अंत में कलेक्टर श्री दुदावत ने कोरबा को एक आकांक्षी जिला बताते हुए कहा कि जिले के समग्र विकास के लिए बैंकिंग क्षेत्र की सक्रिय सहभागिता अनिवार्य है। उन्होंने सभी बैंकों से सरकारी योजनाओं के शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने हेतु पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
Editor – Niraj Jaiswal
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