रुक्मिणी मंगल प्रसंग में झूमे श्रद्धालु

कोरबा।कटघोरा के वार्ड क्रमांक 4 में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथावाचक यश पाण्डेय ने भगवान श्रीकृष्ण के विविध लीलाप्रसंगों का सजीव वर्णन कर श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।

शरद ऋतु में श्रीकृष्ण की बांसुरी की मधुर तान पर गोपियों के सुध-बुध खो देने वाले प्रसंग को रासलीला के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। रास पंचाध्यायी की कथा में गोपियों के श्रीकृष्ण के प्रति पूर्ण समर्पण भाव का वर्णन करते हुए कथावाचक ने मानव जीवन को प्रभु में विलीन करने का संदेश दिया।

महारास के उपरांत कथा क्रम में मथुरा गमन, उद्धव-गोपी संवाद जैसे मार्मिक प्रसंगों का वर्णन हुआ। इसके बाद मनोहारी रुक्मिणी विवाह प्रसंग के साथ छठवें दिन की कथा का भावपूर्ण समापन हुआ। कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे रहे और जयकारों से वातावरण गूंज उठा।