कड़ाके की ठंड बनी जानलेवा, अलाव तापते समय झुलसने से दो महिलाओं की दर्दनाक मौत

कोरबा जिले में कड़ाके की ठंड से राहत पाने के प्रयास में दो महिलाओं की दर्दनाक मौत हो गई। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुई इन घटनाओं ने ठंड के मौसम में अलाव जलाने के दौरान बरती जाने वाली लापरवाही के खतरे को उजागर कर दिया है।

पहली घटना करतला थाना क्षेत्र के बड़मार गांव की है। यहां 57 वर्षीय गुरुवारी बाई, जो रजगामार क्षेत्र के आमादाड की निवासी थीं, ठंड से बचने के लिए अपने कमरे में अलाव जला रही थीं। इसी दौरान वे आग की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गईं।

परिजन प्रमिला अघरिया के अनुसार, गुरुवारी बाई एक माह पूर्व लकवाग्रस्त होने के बाद से अस्वस्थ चल रही थीं। उन्हें तत्काल जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां गुरुवार देर शाम इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

दूसरी घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र की इंदिरा नगर बस्ती में हुई। यहां 38 वर्षीय रूबी देवी ठंड से बचने के लिए घर के पास जल रहे अलाव के पास गई थीं, तभी उनके कपड़ों में आग लग गई। घटना 5 जनवरी की बताई जा रही है।

गंभीर रूप से झुलसी रूबी देवी को पहले उप स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, बाद में हालत बिगड़ने पर बिलासपुर के एक निजी अस्पताल रेफर किया गया, जहां गुरुवार 15 जनवरी को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। इस हादसे में उन्हें बचाने की कोशिश कर रहे 22 वर्षीय जगदीश कुमार भी झुलस गए।

लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने ठंड के मौसम में अलाव जलाते समय सतर्कता बरतने की आवश्यकता पर जोर दिया है।