प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0: महापौर ने 291 हितग्राहियों को सौंपे आवास स्वीकृति व भवन अनुज्ञा पत्र

कोरबा। नगर निगम कोरबा में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत ‘मोर जमीन- मोर मकान  ‘  (Beneficiary Led Construction – BLC) घटक के तहत एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने आज निगम कार्यालय साकेत में 291 हितग्राहियों को आवासगृह स्वीकृति पत्र एवं भवन निर्माण अनुज्ञा पत्र प्रदान किए।

इस कार्यक्रम में आयुक्त आशुतोष पाण्डेय, सभापति  नूतन सिंह ठाकुर,पूर्व सभापति एवं वरिष्ठ पार्षद अशोक चावलानी, वरिष्ठ पार्षद नरेन्द्र देवांगन,एम.आई.सी. सदस्य हितानंद अग्रवाल,अजय गोंड़, धनकुमारी गर्ग, अब्दुल रहमान सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

महापौर श्रीमती राजपूत ने हितग्राहियों को बधाई देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की इस महत्वाकांक्षी योजना से देश के करोड़ों लोगों को पक्के मकान मिल चुके हैं और आगे भी मिलते रहेंगे।

उन्होंने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय का आभार जताया, जिन्होंने सत्ता संभालते ही 18 लाख लोगों को PMAY की स्वीकृति दी। साथ ही मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना के तहत 18 महीने में निर्माण पूरा करने पर 32,850 रुपये की अतिरिक्त राशि प्रदान की जा रही है।

महापौर ने हितग्राहियों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार के भ्रम या रिश्वतखोरी में न पड़ें और किसी से पैसे की मांग होने पर तुरंत वार्ड पार्षद या निगम अधिकारियों से संपर्क करें।

वित्तीय सहायता की जानकारी
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के BLC घटक के तहत प्रत्येक पात्र हितग्राही (मुख्यतः EWS श्रेणी) को 2.50 लाख रुपये की सहायता मिलेगी, जो चार किश्तों में जारी की जाती है:

प्रथम किश्त: 63,000 रुपये
द्वितीय किश्त: 87,000 रुपये
तृतीय किश्त: 65,000 रुपये
चतुर्थ किश्त: 35,000 रुपये

इसके अतिरिक्त, 18 महीने के अंदर निर्माण पूरा करने पर छत्तीसगढ़ सरकार की मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना के तहत 32,850 रुपये अतिरिक्त पुरस्कार के रूप में दिए जाते हैं।

वर्तमान में कोरबा नगर निगम क्षेत्र में इस योजना के तहत कुल 3,582 हितग्राहियों को आवास स्वीकृत हो चुके हैं।

इससे पहले भी विभिन्न चरणों में सैकड़ों हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र वितरित किए जा चुके हैं। यह योजना शहरी गरीबों को अपनी जमीन पर पक्का मकान बनाने में मदद कर रही है, जिससे ‘सबके लिए आवास’ का सपना साकार हो रहा है।

यह कदम छत्तीसगढ़ में गरीबों के उत्थान और आवास सुविधा की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। हितग्राहियों से अपेक्षा है कि वे समयबद्ध तरीके से निर्माण पूरा करें और अपने परिवार को सुरक्षित पक्का घर उपलब्ध कराएं।