ग्रामीण इलाकों में RSS स्वयंसेवकों ने किया शस्त्र पूजन: पोड़ी उपरोड़ा, तुमान समेत कई गांवों में लिया सुरक्षा का संकल्प

कोरबा। विजयादशमी के पावन अवसर पर कोरबा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने शस्त्र पूजन की परंपरा को उत्साह से निभाया। पोड़ी उपरोड़ा, तुमान, बिंझरा, पसान और जटगा जैसे गांवों में सैकड़ों स्वयंसेवकों ने एकत्र होकर शस्त्र पूजन किया तथा राष्ट्र की सुरक्षा और अखंडता के लिए संकल्प लिया।

यह परंपरा हिंदू धर्म में प्राचीन काल से चली आ रही है, जहां महिषासुर वध के बाद देवताओं ने मां दुर्गा के शस्त्रों की पूजा की थी। इसी प्रकार, भगवान राम ने रावण पर विजय प्राप्त करने के बाद शमी वृक्ष के नीचे शस्त्र पूजन किया था।

आरएसएस इस रस्म को विशेष महत्व देता है, क्योंकि संगठन की स्थापना भी 1925 में विजयादशमी के दिन ही हुई थी। स्वयंसेवक खाकी हाफ पैंट, सफेद शर्ट और टोपी धारण कर पंडालों में पहुंचे, जहां उन्होंने तलवारें, भाले, धनुष-बाण जैसे प्रतीकात्मक शस्त्रों का पूजन किया। पूजन के बाद मार्गदर्शन और शारीरिक व्यायाम के माध्यम से अनुशासन का संदेश दिया गया।

स्थानीय स्वयंसेवकों ने बताया कि यह आयोजन न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि राष्ट्र रक्षा की भावना को भी मजबूत करता है। जिले के इन ग्रामीण क्षेत्रों में आरएसएस की शाखाओं ने सक्रिय भूमिका निभाई, जिससे युवाओं में देशभक्ति की लहर देखी गई।

विजयादशमी के इस उत्सव ने ग्रामीणों में एकजुटता का संदेश दिया, जबकि शहर के अन्य हिस्सों में रावण दहन और दुर्गा प्रतिमा विसर्जन भी हर्षोल्लास से संपन्न हुए।