स्वच्छता ही सेवा अभियान में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की पहल, श्रमदान और जागरूकता से बनी मिसाल

बिलासपुर। महात्मा गांधी की जयंती 2 अक्टूबर 2014 को शुरू हुए “स्वच्छ भारत मिशन” की कड़ी को आगे बढ़ाते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने “स्वच्छता ही सेवा 2025” अभियान को “स्वच्छोत्सव” थीम के साथ 17 सितंबर से शुरू किया। इस अभियान के पांच प्रमुख स्तंभों स्वच्छता लक्षित इकाइयों का रूपांतरण, सार्वजनिक स्थलों की सफाई, सफाई मित्र सुरक्षा शिविर, ग्रीन-क्लीन उत्सव और व्यापक जागरूकता के तहत कई उल्लेखनीय पहल की गईं।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने इस अभियान को जन-आंदोलन का रूप देने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित कीं।

बिलासपुर जंक्शन रेलवे स्टेशन पर “एक दिन, एक घंटा, एक साथ” पहल के तहत श्रमदान आयोजन में अधिकारियों, कर्मचारियों और नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

सफाई मित्रों और कर्मचारियों को स्वच्छता किट वितरित की गईं, घर-घर जागरूकता अभियान चलाए गए, और सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को जोड़ा गया। 4894 स्वच्छता लक्षित इकाइयों में से 3700 से अधिक का रूपांतरण कर गंदगी के ढेर और उपेक्षित स्थानों को स्वच्छ और उपयोगी क्षेत्रों में बदला गया।

अभियान की उपलब्धियों में 4835 लोगों द्वारा स्वच्छता शपथ,14 जन-जागरूकता कार्यशालाएं,7 एनजीओ- सहयोगी कार्यक्रम,29 सफाई मित्र सुरक्षा व स्वास्थ्य शिविर, और 473 कर्मियों को सुरक्षा उपकरण वितरण शामिल हैं।

जनजागरण के लिए मैराथन,4 साइक्लोथॉन, 10 वॉकाथॉन, 7 खेल प्रतियोगिताएं,7 सांस्कृतिक उत्सव,14 अन्य प्रतियोगिताएं और 7 युवा जुड़ाव कार्यक्रम आयोजित हुए।

पर्यावरण संरक्षण के लिए 1341 पौधे लगाए गए और 18 आर.आर.आर. गतिविधियों के साथ 123 वेस्ट-टू-आर्ट प्रोजेक्ट्स प्रस्तुत किए गए, जिनमें से कई उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध कराए गए।

इसके अलावा, 440 घर-घर जागरूकता अभियान, 1115 लोगों द्वारा श्रमदान, और 25 सितंबर को विशेष श्रमदान में 2315 प्रतिभागियों की भागीदारी दर्ज की गई।

“स्वच्छ आहार” पहल के तहत 26 गतिविधियां आयोजित हुईं। ट्रेनों, स्टेशनों, 21 सार्वजनिक शौचालयों, 18 बेस किचन, रेस्टोरेंट, फूड स्टॉल और पैंट्री कार की विशेष सफाई और उन्नयन किया गया।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक के नेतृत्व में इस अभियान ने स्वच्छता को जन-आंदोलन का रूप दिया।

अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों, सफाई मित्रों और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी ने यह संदेश दिया कि स्वच्छता केवल अभियान नहीं, बल्कि जीवन का अभिन्न अंग है। यह अभियान समाज में स्वच्छता के प्रति जागरूकता और सामूहिक संकल्प को मजबूत करने में मील का पत्थर साबित हुआ।