महंगाई भत्ता व डीए का एरियस कर्मचारियों के भविष्य निधि खाते में समायोजित करने की मांग

कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन का धरना-प्रदर्शन आज

कोरबा। छत्तीसगढ़ सरकार के अधीन विभिन्न विभागों में काम करने वाले कर्मचारी आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। 27 सितंबर को कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के आह्वान पर प्रदेश भर में धरना प्रदर्शन की घोषणा किया है। इसका असर कोरबा में भी होगा और विभिन्न सरकारी कार्यालयों में काम करने वाले कर्मचारी और अधिकारी आंदोलन में शामिल होंगे। इसकी जानकारी छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन की ओर से दी गई है।


प्रेस क्लब तिलक भवन में आयोजित पत्रवार्ता में फेडरेशन के संयोजक केआर डहरिया ने बताया कि संघ की मांग जनवरी 2024 से 4 प्रतिशत महंगाई भत्ता एवं जुलाई 2019 से अनियमित डीए का एरियस कर्मचारियों के भविष्य निधि खाते में समायोजित करने की मांग प्रमुख है। इसके अलावा कर्मचारी और अधिकारी केंद्रीय कर्मचारियों के समान गृह भाड़ा एवं चार स्तरीय समयमान वेतन की मांग भी कर रहे हैं।

कर्मचारी संघ की ओर से बताया गया है कि मोदी की सरकार ने 240 दिन के स्थान पर 300 दिनों का अवकाश नगदीकरण की गारंटी दी है, जो अभी तक पूरा नहीं हुआ है। इसे लेकर क्रमबद्ध तरीके से आंदोलन चल रहा है। 27 सितंबर को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में धरना प्रदर्शन किया जाएगा।

इसमें शिक्षक, बाबू, पटवारी, तहसीलदार और डिप्टी कलेक्टर तक के कर्मचारी शामिल होंगे। आंदोलन में सफाई कर्मचारियों को भी शामिल किया जाएगा। इस दौरान कर्मचारी सरकारी विभागों में काम नहीं करेेंगे।

संघ की ओर से आंदोलन को सफल बनाने के लिए रणनीति तैयार की जा रही है। पत्रवार्ता में प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा, कार्यकारी संयोजक नकुल सिंह राजवाड़े, कार्यकारी संयोजक जेपी खरे, महासचिव तरूण सिंह राठौर, एसएन शिव, प्रवक्ता ओमप्रकाश बघेल सहित अन्य उपस्थित थे।