अब टोकन और क्यूआर कोड से मिलेगी खाद,रबी सीजन में नई डिजिटल व्यवस्था लागू

एफएफएस सॉफ्टवेयर से होगी उर्वरक वितरण की निगरानी, किसान मोबाइल ऐप से कर सकेंगे प्री-बुकिंग; 48 घंटे में कराना होगा क्यूआर कोड स्कैन

कोरबा।रबी सीजन 2026-27 में रासायनिक उर्वरकों के वितरण को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए जिले में गुरुवार से टोकन आधारित व्यवस्था शुरू कर दी गई है। अब किसानों को खाद प्राप्त करने के लिए मोबाइल ऐप के माध्यम से पहले प्री-बुकिंग कर ई-टोकन लेना होगा। इसके बाद निर्धारित दुकान पर टोकन का क्यूआर कोड स्कैन होने पर ही उर्वरक उपलब्ध कराया जाएगा। इस व्यवस्था से खाद की उपलब्धता, बिक्री और स्टॉक पर डिजिटल निगरानी रखी जा सकेगी।

कृषि विभाग के अनुसार, नई व्यवस्था ‘फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल’ (एफएफएस) सॉफ्टवेयर के माध्यम से संचालित होगी। इसका उद्देश्य किसानों को समय पर उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराना, वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना और उर्वरकों की कालाबाजारी पर अंकुश लगाना है।

सॉफ्टवेयर के जरिए विक्रेताओं के पास उपलब्ध स्टॉक, उर्वरक की प्राप्ति, प्रतिदिन की बिक्री और शेष मात्रा का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा।

इस व्यवस्था के तहत यूरिया, डीएपी, एसएसपी, एमओपी, एनपीके सहित अन्य उर्वरकों की बिक्री और उपलब्धता की जानकारी ऑनलाइन दर्ज होगी। इससे कृषि विभाग के अधिकारी मांग और आपूर्ति की स्थिति की नियमित समीक्षा कर सकेंगे तथा जरूरत के अनुसार वितरण व्यवस्था पर नजर रख सकेंगे।

48 घंटे में कराना होगा क्यूआर कोड स्कैन

जिले के किसान आधार कार्ड अथवा फार्मर आईडी के माध्यम से मोबाइल ऐप पर लॉगिन कर खाद की प्री-बुकिंग कर सकते हैं। यह ऐप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है। बुकिंग के बाद किसान को 48 घंटे के भीतर संबंधित दुकान पर पहुंचकर ई-टोकन का क्यूआर कोड स्कैन कराना अनिवार्य होगा। निर्धारित समय में स्कैन नहीं कराने पर बुकिंग स्वतः निरस्त हो जाएगी। किसान कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यम से भी ई-टोकन प्राप्त कर सकते हैं।

गुरुवार को मोबाइल ऐप के माध्यम से किसानों को ई-टोकन जारी किए गए। नई प्रक्रिया से खाद प्राप्त करने वाले किसानों ने इसे सहज बताया। व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए कृषि विभाग और सहकारी समितियों के कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। साथ ही किसानों को नई प्रक्रिया की जानकारी देने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।

उप संचालक कृषि ने जिले के किसानों से एफएफएस ऐप के माध्यम से ही खाद की बुकिंग और खरीदी करने की अपील की है। ऐप पर टोकन बनाने में किसी प्रकार की परेशानी होने पर किसान नजदीकी कृषि विभाग कार्यालय अथवा सहकारी समिति के अधिकारियों-कर्मचारियों से संपर्क कर सकते हैं।