नोटिस की प्रतियां जलाकर पटवारियों ने जताया विरोध, हनुमान चालीसा का किया पाठ

चार सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन जारी,पटवारियों ने सरकार को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की

कोरबा। चार सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल कर रहे जिले के पटवारियों ने प्रशासन के काम पर लौटने संबंधी नोटिस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। धरना स्थल पर 175 पटवारियों ने नोटिस की प्रतियां जलाकर अपना आक्रोश जताया। इसके बाद सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ कर सरकार को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की। पटवारियों ने स्पष्ट किया कि मांगों पर सकारात्मक निर्णय होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

जानकारी के अनुसार, जिले के 254 हलकों में पदस्थ 201 पटवारियों में से 176 पटवारी 13 अक्टूबर से हड़ताल पर हैं। इस बीच संघ के जिलाध्यक्ष मिथलेश वर्मा को शासकीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही और नोटिस का समय पर जवाब नहीं देने के आरोप में निलंबित किया जा चुका है।

वहीं, शेष 175 पटवारियों को कलेक्टर के निर्देश पर तत्काल काम पर लौटने का नोटिस जारी किया गया है। पटवारियों ने इसी नोटिस के विरोध में उसकी प्रतियां जलाकर प्रदर्शन किया।

पटवारी पीवी एप के माध्यम से फसलों के भौतिक सत्यापन में आ रही तकनीकी और व्यावहारिक दिक्कतों का निराकरण चाहते हैं। इसके अलावा निलंबित साथी की बहाली, वेतन विसंगति दूर करने और लंबित पदोन्नति की मांग भी आंदोलन का हिस्सा है।

राजस्व पटवारी संघ के जिला प्रवक्ता ओमप्रकाश प्रधान ने कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को अपनी मांग रखने और विरोध जताने का अधिकार देता है। उनके अनुसार, शासन दमनात्मक कार्रवाई के जरिए आंदोलन समाप्त कराने का प्रयास कर रहा है। पटवारी आरती प्रसाद ने कहा कि पदोन्नति सभी कर्मचारियों का अधिकार है और संघ इस मांग को लेकर संघर्ष जारी रखेगा।

कई राजस्व कार्य प्रभावित
पटवारियों की हड़ताल के कारण जिले में डिजिटल क्रॉप सर्वे, एग्रीस्टैक, धान खरीदी के लिए किसानों के अभिलेखों का सत्यापन, आय, जाति और निवास प्रमाणपत्र जारी करने सहित नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन जैसे राजस्व कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इसके साथ ही चक्रवाती तूफान से फसलों को हुए नुकसान का सर्वे और राहत आकलन भी प्रभावित होने की बात सामने आई है। इससे किसानों और आम नागरिकों को विभिन्न शासकीय कार्यों के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।